तहसीलदार के डिजिटल सिग्नेचर का दुरुपयोग कर दो रीडर ने सरकारी जमीन को निजी व्यक्तियों के नाम पर अभिलेख में दर्ज कर दिया। जिला कलेक्टर ने जांच के बाद तहसीलदार अधारताल कार्यालय में पदस्थ दोनों रीडर को सस्पेंड कर दिया है। दोनों रीडर ने लगभग साढ़े चार एकड़ जमीन निजी व्यक्तियों के नाम की थी। राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने के बाद निजी व्यक्ति ने जमीन को खुर्द-बुर्द कर अन्य व्यक्तियों को बेच दिया है।
जिला कलेक्टर दीपक सक्सेना ने बताया कि अधारताल के तत्कालीन तहसीलदार दीपक पटेल ने अपने प्रतिवेदन में उनके कार्यकाल के पूर्व निराकृत न्यायालय प्रकरण में तहसीलदार के डिजिटल सिग्नेचर का दुरुपयोग कर ग्राम रैगवां स्थित शासन की 1.90 जमीन भूमि निजी व्यक्तियों के नाम पर दर्ज किए जाने की जानकारी दी थी। प्रकरण के प्रकाश में आने के बाद तहसील कार्यालय में पद सहायक ग्रेड 3 रमाशंकर तथा मिलन वरकडे के प्रथक-प्रथक कथन दर्ज किए गए थे। दोनों कर्मचारी अपने बयान में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत करने कर सके। दोनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।
एक लाइन का आदेश किया अपलोड
पूर्व तहसील हरिसिंह धुर्वे के डिजिटल सिग्नेचर के उपयोग की सिर्फ एक लाइन का आदेश आरसीएमएस पोर्टल में दर्ज किया गया था। उक्त आदेश 1 मई को तहसीलदार दीपक पटेल के कार्यभार ग्रहण के उनकी बिना अनुमति से अपलोड किया गया था। पोर्टल में पूरी ऑर्डर शीट संलग्न नहीं की गई थी।