अभियोजन के अनुसार थाना कोतमा जिला अनूपपुर में अनुसूचित जाति की एक महिला ने अपने पति के दोस्त राजा गुप्ता द्वारा उसके साथ बलात्कार किये जाने की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। महिला ने आरोप लगाया था कि उसके पति ने अपने दोस्त राजा गुप्ता को घर पर खाने पर बुलाया था। इसके बाद जब महिला अपने कमरे में सो रही थी तब उसके पति ने कमरे का दरवाजा खुलवा कर राजा गुप्ता को अंदर भेज दिया और बाहर से दरवाजे की कुंडी लगा दी।
कमरे में उसे अकेला पाकर राजा गुप्ता ने उसके साथ बलात्कार को अंजाम दिया। महिला द्वारा की गई रिपोर्ट में चूंकि महिला का पति भी शामिल था, इसलिए पुलिस ने दोनों के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज कर लिया। आरोपी द्वारा न्यायालय के समक्ष अग्रिम ज़मानत की अर्ज़ी पेश की गयी थी। आरोपी के अधिवक्ता निखिल भट्ट ने न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी की अदालत को बताया कि चूंकि महिला ने पूर्व में कोर्ट के समक्ष ये बयान दिया है कि उसके पति की उस कृत्य में कोई भूमिका नहीं थी।
इसलिए महिला द्वारा गठित पूरी कहानी ही शंकास्पद दिखाई देती है, इसलिए आरोपी को अग्रिम जमानत का लाभ दिया जाना उचित होगा। न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी ने अधिवक्ता निखिल भट्ट की दलील का संज्ञान लेते हुए आरोपी को अग्रिम ज़मानत का लाभ प्रदान कर दिया।