जबलपुर हाईकोर्ट में दिग्विजय सिंह की मानहानि याचिका पर सुनवाई हुई। उमा भारती की ओर से अधिवक्ता ने वकालतनामा पेश कर जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। अदालत ने अनुरोध स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 1 जुलाई निर्धारित की।
कांग्रेस नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के खिलाफ दायर मानहानि याचिका में हाईकोर्ट ने जवाब प्रस्तुत करने के लिए समय प्रदान किया है। मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल ने अगली सुनवाई 1 जुलाई को निर्धारित की है।
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याचिका में दिग्विजय सिंह ने कहा है कि वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव के दौरान उमा भारती ने सार्वजनिक रूप से उनके अंडरवर्ल्ड से संबंध होने का आरोप लगाया था। इससे उनकी सार्वजनिक छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा तथा उनके परिवार को भी मानसिक आघात पहुंचा।
मामले की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने उमा भारती को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। साथ ही भोपाल स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट में लंबित परिवाद का रिकॉर्ड भी तलब किया गया था।
गुरुवार को हुई सुनवाई में उमा भारती की ओर से अधिवक्ता रूचिता गोहिल ने वकालतनामा प्रस्तुत करने और जवाब दाखिल करने के लिए समय देने का अनुरोध किया। अदालत ने यह आग्रह स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 1 जुलाई तय कर दी।