पूर्व बिशप पीसी सिंह व उनके परिजनों के नाम के 24 बैंक खाते में साढ़े 6 करोड़ रुपये जमा थे। ईओडब्ल्यू ने पूर्व बिशप के बेटे पीयूष पॉल के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने अरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश जारी किए हैं।
ईओडब्ल्यू के पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र सिंह राजपूत के अनुसार पूर्व बिशप और उनके परिजनों के 24 निजी खातों में साढे़ 6 करोड़ रुपये जमा होना पाया गया है। उसके नियंत्रण की शैक्षणिक तथा अन्य धार्मिक संस्थाओं से 6 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का ट्रांसफर करना पाया गया है। क्राइस्ट चर्च स्कूल की राशि से खरीदी गई साठ लाख की डिस्कवरी और तीस लाख की फोर्ड एंडेवर कार भी पूर्व बिशप खुद उपयोग करते थे। इसके अलावा उन्होंने अपने बेटे तथा पत्नी को संस्था में नियुक्त कर रखा था।
गौरतलब है कि ईओडब्ल्यू की टीम ने 8 सितंबर को बिशप पीसी सिंह के नेपियर टाउन स्थित कार्यालय तथा घर में दबिश दी थी। दबिश के दौरान 80 लाख का सोना, 1 करोड़ 65 लाख रुपये नगद, 48 बैंक खाते, 18352 यूएस डॉलर, 118 पांउड, 9 लग्जरी गाड़ियां, 17 संपत्तियों के दस्तावेज मिले थे। दबिश के दौरान बिशप देश के बाहर थे। ईओडब्ल्यू ने बिशप को नागपुर एयरपोर्ट से 12 सितंबर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। ईओडब्ल्यू ने पूछताछ के लिए बिशप को चार दिन के रिमांड पर लिया था। रिमांड के दौरान उन्होंने 10 एफडी सहित 174 बैंक खातों की जानकारी दी थी। इसके अलावा उन्होंने मिशन कम्पाउण्ड स्थित बेशकीमती जमीन खुद के नाम आधे दामों में खरीदी थी। बिशप रहते हुए उन्होंने जमीन बेची और क्रेता के तौर पर स्वयं खरीद ली। उनके खिलाफ देशभर के अलग-अलग राज्यों में 99 मामले दर्ज हैं।
ईओडब्ल्यू ने पूर्व में पीसी सिंह के खास गुर्गे सुरेश जैकब को गिरफ्तार किया है। सुरेश जैकब पर आरोप है कि उसने पी सी सिंह के साथ मिलकर ईसाई मिशनरियों की जमीनों के घोटाले किए हैं। पूर्व बिशप के अवैध काम में सुरेश जैकब उसका सहयोगी था। ईओडब्ल्यू ने अब बिशप के बेटे को आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार कर लिया है।