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जबलपुर : आईसीयू में ऑक्सीजन खत्म, कोरोना संक्रमित पांच मरीजों की मौत

Fri, 23 Apr 2021 10:03 PM IST
योगेश साहू पीटीआई, जबलपुर।

सार

मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित एक निजी अस्पताल में चिकित्सकीय ऑक्सीजन कथित रूप से खत्म हो जाने से गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में भर्ती कोविड-19 के पांच मरीजों की मौत हो गई। यह जानकारी पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को दी।
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पुलिस ने उठाकर पहुंचाए ऑक्सीजन सिलिंडर - फोटो : twitter.com/DGP_MP
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विस्तार
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कोरोना महामारी की खौफनाक दूसरी लहर से जहां एक ओर देश में संक्रमितों की संख्या में इजाफा हो रहा है, वहीं दूसरी ओर मरीजों की मौत की संख्या भी बढ़ती जा रही है। ऐसे में देश में ऑक्सीजन की कमी ने इस संकट को और बढ़ाने का काम किया है। इस बीच मध्यप्रदेश के जबलपुर में कथित रूप से ऑक्सीजन की कमी के कारण आईसीयू में भर्ती पांच मरीजों की मौत की खबर है।

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जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित एक निजी अस्पताल में चिकित्सकीय ऑक्सीजन कथित रूप से खत्म हो जाने से गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में भर्ती कोविड-19 के पांच मरीजों की मौत हो गई। यह जानकारी पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को दी।

नगर पुलिस अधीक्षक (कोतवाली क्षेत्र) दीपक मिश्रा ने शुक्रवार को बताया कि यह घटना गैलेक्सी अस्पताल में बृहस्पतिवार-शुक्रवार की दरमियानी रात को हुई। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों का आरोप है कि ऑक्सीजन समाप्त होने इन पांच मरीजों की मौत हो गई।
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मिश्रा ने बताया कि इन मरीजों की मौत के बाद परिजनों द्वारा अस्पताल के बाहर हंगामा किए जाने की जानकारी मिलने पर इलाके में गश्त कर रही पुलिस रात में ही अस्पताल में पहुंची और मृतकों के परिजनों ने शिकायत की कि ऑक्सीजन समाप्त होने से मरीजों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल बृहस्पतिवार देर रात तक में चिकित्सकीय ऑक्सीजन सिलेंडरों की आपूर्ति की प्रतीक्षा कर रहा था, लेकिन इसे ला रहा वाहन खराब हो गया।

मिश्रा ने बताया कि इसके बाद पुलिस के जवान एक निजी एजेंसी गए और वहां से ऑक्सीजन सिलेंडर लाए। उन्होंने बताया कि एक वाहन का बंदोबस्त किया गया और उसमें 10 ऑक्सीजन सिलेंडर इस अस्पताल में पहुंचाये गए। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों ने इस मामले में पुलिस से जांच करने की मांग की है। हम जांच करने के लिए लिखित शिकायत का इंतजार कर रहे हैं।

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए पाटन विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक एवं प्रदेश के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अजय विश्नोई ने कहा कि ऑक्सीजन के संबंध में निजी अस्पताल के खराब प्रबंधन के कारण यह घटना हुई।

उन्होंने कहा कि निजी अस्पताल को जरूरत को ध्यान में रखते हुए चिकित्सकीय ऑक्सीजन सिलेंडरों का पहले से ही बंदोबस्त करके रखना चाहिए था। विश्नोई ने दावा किया कि अभी जबलपुर में चिकित्सकीय ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। कई बार प्रयास करने के बावजूद अस्पताल से इस संबंध में किसी की प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई।

डीआईजी ने की जिला पुलिस की तारीफ
उधर, मध्यप्रदेश डीआईजी के ट्विटर हैंडल से किए गए एक ट्वीट में कहा गया कि जबलपुर के गैलेक्सी हॉस्पिटल में आक्सीजन वितरण प्रणाली में गड़बड़ी से उत्पन्न गंभीर आकस्मिक परिस्थितियों में उखरी रोड़ थाने की पुलिस स्वयं ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर वहां पहुंची। उन्होंने सिलेंडर स्वयं उठाए और अस्पताल में अन्य मरीजों की जान बचाई। यदि पुलिस कर्मी तत्काल सक्रिय होकर सिलिंडर नहीं लाते तो अस्पताल में बड़ी जनहानि हो सकती थीं। एसपी जबलपुर और उनकी टीम इस तत्परता और प्रेरणादायक कार्य के लिए प्रशंसा की पात्र है।
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