अवैध संबंध पर शंका व्यक्त करना आत्महत्या के लिए उकसाने की श्रेणी में नहीं आता है। हाईकोर्ट जस्टिस जीएस अहलूवालिया की एकलपीठ ने उक्त मत के साथ एफआईआर निरस्त किए जाने के आदेश जारी किए गए हैं।
बता दें कि दमोह निवासी पुष्पेंद्र उर्फ कल्लू गौतम की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि थाना हटा में उसके खिलाफ धारा 306 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है, जो न्यायालय में लंबित है। एफआईआर के अनुसार होमगार्ड कर्मी मदन डिम्हा ने सल्फास का सेवन कर लिया था। होम गार्ड कर्मी को शराब के नशे में उपचार लिए 4 अक्टूबर 2023 को अस्पताल ले जाया गया था। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
एफआईआर के अनुसार मृतक का उसके दामाद के घर पर आना-जाना था। मृतक उसके दामाद को चाचा तथा उसके बच्चों को भाई-बहन मानता था। दामाद की बेटी से अवैध संबंध का आरोप लगाते हुए उसने होम गार्ड कर्मी को फोन पर धमकाया था। अवैध संबंध के बारे में समाज को बताने के अलावा नौकरी से हटवा देने की धमकी थी। इस संबंध में होमगार्ड कर्मी ने अपनी पत्नी को बताया था।
एकलपीठ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि मामला आत्महत्या के लिए उकसाने की श्रेणी में नहीं आता है। एकलपीठ ने याचिकाकर्ता के खिलाफ दर्ज एफआईआर तथा न्यायालय में लंबित प्रकरण को निरस्त करने के आदेश जारी किए हैं।