त्विषा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह की हाईकोर्ट में सुनवाई
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मॉडल व बहू त्विषा शर्मा की मौत के मामले में जेल में निरुद्ध भोपाल की पूर्व जिला व सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह ने जमानत के लिए हाईकोर्ट की शरण ली थी। जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान सीबीआई की तरफ से एकलपीठ को बताया गया कि साक्ष्य नहीं मिलने के कारण प्रकरण में दहेज एक्ट की धारा विलोपित कर दी गई है। एकलपीठ ने दायर जमानत याचिका में संशोधन कर उक्त धारा विलोपित करने के आदेश जारी करते हुए अगली सुनवाई 8 अक्तूबर को निर्धारित की है।
गौरतलब है कि भोपाल की पूर्व जिला व सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की बहू व मॉडल त्विषा शर्मा ने 12 मई को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने गिरिबाला तथा उसके बेटे समर्थ के खिलाफ दहेज हत्या व दहेज एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया था। पूर्व न्यायाधीश को प्रकरण में भोपाल जिला व सत्र न्यायालय से 15 मई को अग्रिम जमानत का लाभ मिल गया था। अग्रिम जमानत मिलने के खिलाफ हाईकोर्ट ने याचिका दायर की थी। इसके अलावा त्विषा का दोबारा पोस्टमार्टम कराने जाने की मांग करते हुए भी हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाई कोर्ट ने दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की टीम से दोबारा पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिए थे। हाईकोर्ट ने 27 मई को पूर्व न्यायाधीश को मिली अग्रिम जमानत को निरस्त कर दिया था। सरकार द्वारा प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी।
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जिला न्यायालय द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली थी। हाईकोर्ट में याचिका की सुनवाई के दौरान सीबीआई की तरफ से जमानत याचिका का विरोध किया गया था। एकलपीठ ने सीबीआई को लिखित में आपत्ति पेश करने के आदेश जारी किए थे। याचिका पर बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान सीबीआई की तरफ से लिखित आपत्ति पेश करते हुए एकलपीठ को बताया गया कि दहेज की मांग किए जाने के संबंध में साक्ष्य नहीं मिलने के कारण प्रकरण में दहेज एक्ट की धाराओं को विलोपित कर दिया गया है। एकलपीठ ने जमानत याचिका में संशोधन करने के निर्देश जारी करते हुए अगली सुनवाई 8 अक्तूबर निर्धारित की गई है।