पिछले चार दिनों में निजी अस्पताल में भर्ती संदिग्ध तीन डेंगू मरीज की मौत का मामला सामने आया है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग इससे इंकार कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि स्क्रीनिंग टेस्ट के बाद मैक-एलिसा टेस्ट से डेंगू की पुष्टि होती है। मैक-एलिसा टेस्ट पॉजिटिव आये बिना अधिकारिक तौर पर डेंगू से मौत नहीं मानी जाती है।
गौरतलब है कि पिछले चार दिनों में निजी अस्पताल में भर्ती तीन मरीजों की मौत का मामला सामने आया है। मरीजों को बुखार आने के कारण उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया था। अस्पताल में मरीजों की डेंगू स्क्रीनिंग रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई थी। पीड़ित का मैक-एलिसा टेस्ट नहीं हुआ था।
इस संबंध में सीएचएमओ डॉ संजय मिश्रा का कहना है बुखार होने के कारण अस्पताल में भर्ती होने वाले लगभग सभी मरीज का स्क्रीनिंग डेंगू टेस्ट करवाया जा रहा है। निजी अस्पताल अपने स्तर पर स्क्रीनिंग टेस्ट करवाते है। किसी भी व्यक्ति का मैक-एलिसा टेस्ट नहीं हुआ था। स्क्रीनिंग टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए 80 प्रतिशत नमूने मैक-एलिया टेस्ट में नेगेटिव पाये जाते है। मैक-एलिसा टेस्ट की रिपोर्ट को अधिकृत माना जाता है। अधिकारिक तौर पर डेंगू से एक भी व्यक्ति की मौत दर्ज नहीं हुई है।