नगर निगम अधिकारी के साथ मारपीट करते वकील व अन्य
- फोटो : social media
मध्यप्रदेश के जबलपुर में गुरुवार को नगर निगम के एक सहायक आयुक्त के साथ वकीलों ने जमकर मारपीट की। निगम अधिकारी अपनी टीम के साथ जर्जर मकान गिराने गए थे, तब यह घटना हुई। दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
दरअसल, सहायक आयुक्त वेदप्रकाश चौधरी मढ़ाताल गुरुद्वारा के पास सुशीला शुक्ला का जर्जर मकान गिराने निगम की टीम के साथ गए थे। इस मकान में कई किराएदार रहते हैं। नगर निगम इस मकान को गिराने के लिए नोटिस जारी कर चुका था, लेकिन इस पर कोर्ट ने रोक लगा दी थी। लेकिन इसके खिलाफ निगम ने अपनी रिपोर्ट में भवन को जर्जर बताकर तोड़ने की इजाजत मांगी थी। इसके बाद कोर्ट ने बुधवार को मकान गिराने पर रोक हटा दी थी।
कोर्ट के आदेश के बाद गुरुवार को दिन में निगम के सहायक आयुक्त वेदप्रकाश चौधरी एसडीएम, एसपी और क्षेत्र के ओमती थाने को सूचना देकर मकान गिराने पहुंचे। उन्होंने पुलिस टीम के पहुंचने से पहले ही मकान गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी। मकान में वकील शार्दुल ठाकुर भी रहते हैं। निगम की टीम को देख वह भड़क उठे। उनका दावा था कि मकान का कुछ ही हिस्सा जर्जर है, बाकी की मरम्मत करा ली गई है, लेकिन निगम अधिकारी उनकी बात मानने को तैयार नहीं हुए।
निगम टीम के सख्त रवैये को देखते हुए शार्दुल ठाकुर ने अपने साथियों को बुला लिया। फिर सबने मिलकर सहायक आयुक्त चौधरी से मारपीट शुरू कर दी। उन्हें जान बचाने के लिए भागना पड़ा। उधर, वकीलों का कहना है कि जर्जर मकान को तोड़ने के पीछे कब्जे का खेल है। कुछ लोग इस पर कब्जा करना चाहते हैं।
बहरहाल मामले को लेकर ओमती थाने में दोनों पक्षों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। वकील शार्दुल ठाकुर ने नगर निगम के सहायक आयुक्त वेदप्रकाश चौधरी समेत दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाया तो वेदप्रकाश चौधरी ने शार्दुल ठाकुर व अन्य पर मारपीट, शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने की शिकायत दी है।