जबलपुर जिला उपभोक्ता आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि वाहन में चाबी लगी छोड़ने के कारण वाहन चोरी होने की सूरत में बीमा कंपनी दावा निरस्त नहीं कर सकती। आयोग ने बजाज एलियांज जनरल इंश्योरेंश कंपनी लिमिटेड को आदेशित किया कि 30 हजार रुपये क्षतिपूर्ति राशि का ब्याज सहित भुगतान आवेदक को किया जाए। यही नहीं मानसिक पीड़ा की एवज में पांच हजार व मुकदमे का खर्च उसे अदा किया जाए। यदि आदेश का पालन नहीं किया गया तो तीन वर्ष का कारावास या एक लाख रुपये जुर्माना लगेगा।
यह परिवाद सैनिक सोसाइटी जबलपुर निवासी रश्मि वर्मा की ओर से दायर किया गया था, जिनकी ओर से अधिवक्ता सुशील कुमार मिश्रा, निर्देश पटेल और आनंद शुक्ला ने पक्ष रखा। जिन्होंने बताया कि परिवादी ने वाहन खरीदते समय बीमा करा लिया था। कोचिंग संस्थान के बाहर पार्किंग से वाहन चोरी हो गया। पुलिस में इसकी रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। इसके बाद बीमा कंपनी में दावा किया गया। लेकिन बीमा कंपनी ने इस जानकारी को आधार बनाकर दावा निरस्त कर दिया कि परिवादी ने वाहन में चाबी लगी छोड़ दी थी। इस लापरवाही के कारण चोरी हुई। इसलिए बीमा कंपनी दावा राशि का भुगतान नहीं करेगी, जिस पर परिवाद दायर किया गया।
दो एसडीएम सहित छह विभाग प्रमुखों को नोटिस जारी
सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का प्रभाव निराकरण नहीं किये जाने को बालाघाट कलेक्टर ने गंभीरता से लिया है। कलेक्टर ने लापरवाही बरतने वाले दो एसडीएम सहित छह विभाग प्रमुख को नोटिस जारी कर इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है।
कलेक्टर मृणाल मीना ने सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त होने वाली शिकायतों की साप्ताहिक समीक्षा में पाया कि आवश्यक दिशा-निर्देश के बावजूद भी शिकायतों को निर्धारित समय सीमा में निराकरण नहीं किया जा रहा है। निर्धारित समय सीमा में शिकायत का निराकरण करने में लापरवाही बरतने वाले बालाघाट एसडीएम गोपाल सोनी, एसडीएम वारासिवनी आरआर पांडे, पशुपालन विभाग के संचालक डॉ. प्रदीप कुमार अतुलकर, जिला शिक्षा अधिकारी अश्विनी उपाध्याय, जिला परियोजना अधिकारी डॉ. महेश शर्मा, खाद्य आपूर्ति अधिकारी ज्योति बघेल, जिला योजना अधिकारी बलवंत रहांगडाले और जिला परिवहन अधिकारी अनिमेष गढ़पाले को नोटिस जारी कर स्पस्टीकरण मांगा है। दो एसडीएम सहित आधा दर्जन विभाग प्रमुख को नोटिस जारी किये जाने से प्रशासनिक विभाग में हडकंप की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन के अन्य विभाग के प्रमुख भी सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनके निराकरण में लग गये हैं।