केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने ग्रे आयरन फाउंड्री, जबलपुर के वर्क्स मैनेजर के खिलाफ कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र (डब्ल्यूसीसी) जारी करने के बदले एक लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। सीबीआई ने उनके कार्यालय और आवास पर छापेमारी कर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। जांच अभी जारी है।
सूत्रों के अनुसार, ठेका कंपनी ने अनुबंध के तहत ग्रे आयरन फाउंड्री को 12 फायरमैन और 6 फायर इंजन ड्राइवर उपलब्ध कराए थे। यंत्र इंडिया लिमिटेड मुख्यालय, आयुध निर्माणी अंबाझरी, नागपुर को 12 अगस्त 2023 को एक पत्र के माध्यम से ठेका कंपनी ने सूचित किया कि जून 2023 के लिए उन्हें डब्ल्यूसीसी नहीं मिला है। इसके साथ ही कंपनी ने अप्रैल, मई और जून 2023 के महीनों के लिए 16 लाख रुपये के बिल भी जमा किए थे। पत्र में आरोप लगाया गया कि जबलपुर के वर्क्स मैनेजर गौरव कुशवाहा जानबूझकर डब्ल्यूसीसी पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे हैं और हस्ताक्षर के बदले एक लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायत में यह भी दावा किया गया कि व्हाट्सएप कॉल पर हुई रिश्वत की मांग का वीडियो रिकॉर्डिंग साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
यंत्र इंडिया लिमिटेड, नागपुर के सतर्कता निदेशक ने वर्क्स मैनेजर के खिलाफ सीबीआई जबलपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद सीबीआई ने गुरुवार को आरोपी के कार्यालय और आवास पर छापेमारी की। समाचार लिखे जाने तक सीबीआई की जांच और कार्रवाई जारी थी।