बिल्डर द्वारा 80 फुट चौड़ी सड़क में से 30 फुट पर अवैध निर्माण कर कब्जा कर लिया गया है। जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद निगमायुक्त ने शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसके खिलाफ दायर अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने निगमायुक्त को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
जबलपुर निवासी याचिकाकर्ता अधिवक्ता मुकेश जैन की ओर से दायर अवमानना याचिका में कहा गया था कि हाईकोर्ट चौक से पुल नंबर 2 की सड़क 80 फुट चौड़ी है। इस सड़क पर अनावेदक शंकर मच्छानी द्वारा "मुस्कान पार्क" नाम से व्यावसायिक व आवासीय टाउनशिप का निर्माण किया जा रहा है। बिल्डर ने निर्माणाधीन प्रोजेक्ट के सामने वाली 80 फुट सड़क में से 30 फुट पर कब्जा कर लिया है और वहां दुकानें, फ्रंट एमओएस, पार्किंग और गार्डन पेरापेट का निर्माण कर दिया है। इसके कारण सड़क संकरी हो गई है और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस अवैध कब्जे के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी।
याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने निगमायुक्त को निर्देश दिया था कि वे याचिकाकर्ता की शिकायत पर चार माह के भीतर स्पीकिंग आदेश जारी करें। लेकिन, निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी निगमायुक्त ने कोई स्पीकिंग आदेश जारी नहीं किया।
इसी वजह से अवमानना याचिका दायर की गई। युगलपीठ ने निगमायुक्त नगर निगम जबलपुर प्रीति यादव को अवमानना कार्यवाही के संबंध में नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका पर अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की गई है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अमिताभ गुप्ता ने पैरवी की।