कथित बहुजन समाज पार्टी के नेता ने प्लॉट का एग्रीमेंट कर 21 व्यक्तियों को 34 लाख रुपये का चूना लगाया था। हाईकोर्ट जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल ने कथित नेता को धोखाधड़ी की 50 प्रतिशत राशि जमा करने की शर्त पर जमानत का लाभ प्रदान किया है। एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि निर्धारित शर्तों का उल्लंघन करने पर जमानत अप्रभावी हो जाएगी।
बता दें कि रीवा निवासी ओमप्रकाश आनंद की तरफ से दायर किए गए आवेदन में कहा गया था कि वह गत पांच अगस्त से न्यायिक अभिरक्षा में है। पुलिस ने उसके खिलाफ न्यायालय में भी चालान प्रस्तुत कर दिया है। इसके अलावा एग्रीमेंट के साढ़े तीन साल बाद उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई थी। इसके अलावा स्वास्थ्य ठीक नहीं होने का हवाला भी दिया गया था।
अभियोजन की तरफ से जमानत का विरोध करते हुए एकलपीठ को बताया गया कि आरोपी को गिरफ्तार करने में पुलिस को बड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। आरोपी ने सूखा में किसी और की जमीन को अपना बताकर लोगों से प्लॉट का एग्रीमेंट किया। आरोपी ने 21 व्यक्तियों के साथ 34 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। एकलपीठ ने आरोपी आवेदक को जमानत का लाभ देते हुए अपने आदेश में कहा है कि धोखाधड़ी की कुल राशि का 50 प्रतिशत सुरक्षा के तौर पर जिला न्यायालय में एफडी बनाकर जमा करें। इसके अलावा बीएनएसएस की धारा 480(3) के अंतर्गत वर्णित सभी शर्तों का पालन करेगा। उल्लंघन करने पर जमानत अप्रभावी हो जाएगी।