मॉडल व बहू त्विषा शर्मा की मौत के मामले में जेल में निरुद्ध भोपाल की पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की संशोधित याचिका हाईकोर्ट ने स्वीकार कर ली है। याचिका में दहेज एक्ट की धाराओं को विलोपित किया गया है। सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ को बताया गया कि जांच के लिए लैब भेजे गए साक्ष्यों की रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है।
गौरतलब है कि भोपाल की पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की बहू और मॉडल त्विषा शर्मा ने 12 मई को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने गिरिबाला सिंह और उनके बेटे के खिलाफ दहेज हत्या और दहेज एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया था।
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पूर्व न्यायाधीश को भोपाल जिला एवं सत्र न्यायालय से अग्रिम जमानत मिल गई थी। अग्रिम जमानत दिए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इसके अलावा मृतका का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग को लेकर भी हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने दिल्ली स्थित ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की टीम से दोबारा पोस्टमार्टम कराने के आदेश दिए थे। साथ ही पूर्व न्यायाधीश को मिली अग्रिम जमानत निरस्त कर दी थी। इसके बाद सरकार ने प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंप दी थी।
जिला न्यायालय द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद पूर्व न्यायाधीश ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। पिछली सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से एकलपीठ को बताया गया था कि सीबीआई को दहेज की मांग किए जाने के संबंध में साक्ष्य नहीं मिले हैं। इसके चलते प्रकरण में दहेज एक्ट के तहत चालान प्रस्तुत नहीं किया गया है।
इस पर एकलपीठ ने जमानत याचिका से दहेज एक्ट की धाराएं विलोपित करते हुए संशोधित याचिका प्रस्तुत करने के आदेश दिए थे। गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान एकलपीठ के समक्ष संशोधित याचिका प्रस्तुत की गई। सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से दी गई जानकारी को एकलपीठ ने रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की है।