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एमपी: लापता युवती मामले में एसआईटी की रिपोर्ट, 13 मई को केन नदी पुल पर आखिरी बार दिखी; हाईकोर्ट ने क्या कहा?

Wed, 07 Oct 2026 09:38 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

जबलपुर में लापता युवती के मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर गठित एसआईटी ने रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट के अनुसार युवती के थाने में बयान दर्ज हुए और वह बाद में चली गई। 13 मई को उसे केन नदी पुल पर अंतिम बार देखा गया।

 

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जबलपुर हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लापता बेटी की तलाश किए जाने की मांग को लेकर पिता की ओर से हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की गई थी। पिता ने आरोप लगाया था कि युवती की तलाश के बाद पुलिस उसे थाने लाई थी और जेवरात लेने के बाद उसे थाने से जाने दिया था। हाईकोर्ट के आदेश पर गठित एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि युवती के थाने में बयान दर्ज किए गए थे, जिसके बाद उसे जाने दिया गया। अगले दिन उसे अंतिम बार केन नदी के पुल पर देखा गया था। हाईकोर्ट ने युवती की तलाश जारी रखने के निर्देश देते हुए याचिका का निराकरण कर दिया।

नागौद निवासी महेश बागरी की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि उनकी बालिग बेटी 8 मई 2025 को लापता हुई थी। पुलिस ने दूसरे दिन उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की और 10 मई को रिपोर्ट दर्ज की। याचिका के अनुसार, तलाश के बाद पुलिस युवती को थाने लेकर आई थी और उसके जेवरात लेकर उसे जाने दिया गया। पिता ने सूचना के अधिकार के तहत थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज मांगी थी, लेकिन उन्हें फुटेज उपलब्ध नहीं कराई गई। हाईकोर्ट ने याचिका में लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए थे।

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एसआईटी की ओर से हाईकोर्ट में पेश रिपोर्ट में बताया गया कि थाने की सीसीटीवी फुटेज के अनुसार 12 मई 2025 को युवती थाने में मौजूद थी। पुलिसकर्मी ने उसके बयान दर्ज किए थे और फुटेज में युवती को बयान पर हस्ताक्षर करते हुए देखा गया। युवती ने थाने के अंदर अपने परिजनों से बातचीत की, लेकिन वह उनके साथ घर जाने के लिए तैयार नहीं हुई।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि परिवार के सदस्यों का व्यवहार युवती के प्रति कथित तौर पर सौहार्दपूर्ण नहीं था। इसके बाद युवती ने पुलिसकर्मी के मोबाइल फोन से किसी व्यक्ति को फोन करने का प्रयास किया, लेकिन कॉल पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद वह संदीप बागरी के घर चली गई थी। 13 मई को उसे अंतिम बार केन नदी के पुल पर देखा गया था।

हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अल्पेश वाई कोगजे तथा जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने याचिका का निराकरण करते हुए कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर यह मामला अवैध हिरासत का नहीं है। साथ ही संदीप बागरी की युवती के लापता होने में संलिप्तता सामने नहीं आई है। युगलपीठ ने पुलिस को युवती की तलाश जारी रखने के निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा कि युवती के मिलने पर उसे तत्काल हाईकोर्ट अथवा स्थानीय मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाए।

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