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नेहा पच्चीसिया को मिलेगी राहत?: फरार निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया हाईकोर्ट की शरण में, आवेदन पर फैसला सुरक्षित

Wed, 16 Sep 2026 08:40 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

फरार निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया ने एफआईआर निरस्त करने और अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान एफआईआर पर रोक की मांग की गई। जस्टिस हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने आवेदन पर फैसला सुरक्षित रखा है। मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी।
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हाईकोर्ट ने नेहा पच्चीसिया की याचिका पर सुनवाई
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विस्तार
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जमीन की हेराफेरी के मामले में निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर निरस्त करने तथा अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। हाईकोर्ट जस्टिस हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने आवेदन की सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखने के आदेश जारी किए हैं। याचिका पर अगली सुनवाई दो नवंबर को निर्धारित की गई है। 
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गौरतलब है कि कटनी सीएसपी रहीं नेहा पच्चीसिया सहित तीन आरोपियों के खिलाफ वहां के कुठला थाने में धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। कटनी पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। उन पर आरोप है कि कुठला थानांतर्गत हत्या के अपराध में निर्धारित अवधि में चालान पेश नहीं करने के कारण आरोपी को डिफॉल्ट जमानत का लाभ मिल गया था। इसके एवज में निलंबित सीएसपी ने आरोपियों की जमीन बहुत कम दर पर अपने एजेंट के नाम पर खरीदी है। उक्त जमीन मारूफ अहमद हनफी के नाम पर खरीदी गई थी, जबकि हनफी के बैंक खाते में जमीन खरीदने से पहले महज कुछ हजार रुपये थे। उसके बैंक खाते में क्षितिज बारापात्रे ने राशि ट्रांसफर की थी। इसके बाद एक करोड़ रुपये की जमीन को मात्र 15 से 20 लाख रुपये में खरीदा गया था। विभागीय स्तर पर जांच के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था।

ये भी पढ़ें- कटनी: निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया की संपत्ति कुर्क करने आवेदन, फरार आरोपियों पर कार्रवाई की मांग
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हाईकोर्ट में जाने से पहले निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया तथा क्षितिज बारापात्रे ने अग्रिम जमानत के लिए कटनी जिला न्यायालय में आवेदन दायर किया था। जिला न्यायालय द्वारा आवेदन खारिज किए जाने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली। याचिका की सुनवाई के दौरान उनकी तरफ से दर्ज एफआईआर पर रोक लगाए जाने की मांग करते हुए आवेदन दायर किया गया है। एकलपीठ ने आवेदन पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखने के आदेश जारी किए हैं।
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