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जबलपुर: ओबीसी आरक्षण मामले में सुप्रीम कोर्ट जाएगी प्रदेश सरकार, हाईकोर्ट ने 14 प्रतिशत आरक्षण के दे रखे हैं आदेश

Wed, 02 Mar 2022 08:30 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

मध्य प्रदेश सरकार ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर जल्द ही सुप्रीम कोर्ट जाएगी। इस पर विचार किया जा रहा है। मप्र हाईकोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में ओबीसी वर्ग को 14 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के निर्देश जारी किए हैं। अब इस आदेश को चुनौती देगी। 
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Jabalpur High Court - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में विभिन्न विभाग द्वारा ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने की याचिका दायर की गई है। सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में पूर्व की तरह ओबीसी वर्ग को 14 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के निर्देश जारी किए हैं। अब इस आदेश के खिलाफ सरकार शीघ्र ही सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी दायर करने वाली है।
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महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने बताया कि सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने के आदेश जारी किए गए हैं। इस पर उच्च न्यायालय ने अंतरिम रोक लगा रखी है। इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी दायर करने के सुझाव दिए गए हैं। सरकार की सहमति से शीघ्र ही सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी दायर की जाएगी। इसके अलावा उच्च न्यायालय में ओबीसी आरक्षण के संबंध में दायर याचिकाओं पर शीघ्र सुनवाई के लिए आग्रह किया जाएगा।

 गौरतलब है कि ओबीसी आरक्षण संबंधित सभी याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई लंबित है। ओबीसी आरक्षण की सीमा निर्धारित नहीं होने के कारण नियुक्ति तथा परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित हो रही हैं। ओबीसी आरक्षण संबंधित याचिकाएं उच्च न्यायालय में गत तीन साल से लंबित हैं। हाईकोर्ट ने कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ओबीसी को सिर्फ 14 प्रतिशत आरक्षण देने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद भी प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग ने सितंबर 2021 में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के संबंध में आदेश पारित कर दिया था। सरकार के आदेशानुसार विभिन्न विभागों द्वारा ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया गया था। इसी के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की गई थीं। हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद अंतरिम आदेश को यथावत रखा था। 
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