जबलपुर में गर्मी और मानसून की देरी के कारण बरगी बांध के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। एक दशक बाद ऐसी स्थिति देखने को मिली है। हालांकि, बांध का जलस्तर अभी भी निर्धारित न्यूनतम स्तर से अधिक है।
बरगी बांध के अभियंता राजेश सिंह गौड़ ने बताया कि वर्तमान में बांध का जलस्तर 407.55 मीटर है। 30 जून तक बांध का न्यूनतम जलस्तर 403.55 मीटर होना चाहिए था। वर्तमान जलस्तर तय मानकों से अधिक है, लेकिन पिछले 10 वर्षों में इस अवधि के दौरान यह सबसे अधिक गिरावट मानी जा रही है। एक दशक बाद पहली बार इस स्तर की कमी दर्ज की गई है। लगातार कम बारिश के कारण नर्मदा के कई घाटों पर जलस्तर इतना घट गया है कि लोग पैदल ही नदी पार कर रहे हैं।
इस वर्ष जून में केवल 63 मिमी बारिश दर्ज की गई
उन्होंने बताया कि रेलवे और नगर निगम को बरगी बांध से प्रति घंटे लगभग 95 क्यूमैक्स पानी की आपूर्ति की जा रही है। इसके अलावा लेफ्ट बैंक कैनाल (एलबीसी) के माध्यम से करीब 12 क्यूमैक्स पानी छोड़ा जा रहा है। बरगी बांध की अधिकतम जल भंडारण क्षमता 422.76 मीटर है। मौसम विभाग के अनुसार, जून महीने में सामान्यतः 178.6 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी, लेकिन इस वर्ष जून में केवल 63 मिमी बारिश दर्ज की गई। यानी सामान्य से लगभग 115 मिमी कम वर्षा हुई है।
कम बारिश का असर नर्मदा नदी पर भी साफ दिखाई दे रहा है। ग्वारीघाट, तिलवाराघाट, जिलहरी घाट सहित कई स्थानों पर नदी के बीच टापू उभर आए हैं। कई घाटों पर पानी इतना कम हो गया है कि लोग पैदल ही नदी पार कर रहे हैं। यदि मानसून की यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले समय में जल संकट और गहरा सकता है।