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जबलपुर में कम बारिश का असर: बरगी बांध का जलस्तर 10 साल में सबसे निचले स्तर पर, नर्मदा में घटा पानी

Thu, 02 Jul 2026 02:04 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

जबलपुर के बरगी बांध में पिछले 10 वर्षों की तुलना में इस अवधि का सबसे बड़ा जलस्तर गिरावट दर्ज की गई है। कम बारिश के कारण नर्मदा के कई घाटों पर जलस्तर घट गया है और कई स्थानों पर लोग पैदल नदी पार करने को मजबूर हैं। चलिए तस्वीरों में देखते हैं कि वर्तमान में कैसे हैं यहां के मौजूदा हाल?
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बरगी बांध के जलस्तर में भारी गिरावट दर्ज। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जबलपुर में गर्मी और मानसून की देरी के कारण बरगी बांध के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। एक दशक बाद ऐसी स्थिति देखने को मिली है। हालांकि, बांध का जलस्तर अभी भी निर्धारित न्यूनतम स्तर से अधिक है।

बरगी बांध के अभियंता राजेश सिंह गौड़ ने बताया कि वर्तमान में बांध का जलस्तर 407.55 मीटर है। 30 जून तक बांध का न्यूनतम जलस्तर 403.55 मीटर होना चाहिए था। वर्तमान जलस्तर तय मानकों से अधिक है, लेकिन पिछले 10 वर्षों में इस अवधि के दौरान यह सबसे अधिक गिरावट मानी जा रही है। एक दशक बाद पहली बार इस स्तर की कमी दर्ज की गई है। लगातार कम बारिश के कारण नर्मदा के कई घाटों पर जलस्तर इतना घट गया है कि लोग पैदल ही नदी पार कर रहे हैं।

 

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यदि बारिश नहीं हुई तो आने वाले समय में जल संकट और गहरा सकता है। - फोटो : अमर उजाला

इस वर्ष जून में केवल 63 मिमी बारिश दर्ज की गई
उन्होंने बताया कि रेलवे और नगर निगम को बरगी बांध से प्रति घंटे लगभग 95 क्यूमैक्स पानी की आपूर्ति की जा रही है। इसके अलावा लेफ्ट बैंक कैनाल (एलबीसी) के माध्यम से करीब 12 क्यूमैक्स पानी छोड़ा जा रहा है। बरगी बांध की अधिकतम जल भंडारण क्षमता 422.76 मीटर है। मौसम विभाग के अनुसार, जून महीने में सामान्यतः 178.6 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी, लेकिन इस वर्ष जून में केवल 63 मिमी बारिश दर्ज की गई। यानी सामान्य से लगभग 115 मिमी कम वर्षा हुई है।

कम बारिश का असर नर्मदा नदी पर भी साफ दिखाई दे रहा है। ग्वारीघाट, तिलवाराघाट, जिलहरी घाट सहित कई स्थानों पर नदी के बीच टापू उभर आए हैं। कई घाटों पर पानी इतना कम हो गया है कि लोग पैदल ही नदी पार कर रहे हैं। यदि मानसून की यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले समय में जल संकट और गहरा सकता है।

पानी कम होने से एक छोर से दूसरे छोर तक स्नान करते हुए लोग। - फोटो : अमर उजाला
एलबीसी के माध्यम से भी पानी छोड़ा जा रहा
अधिकारियों के अनुसार, मानसून के दौरान बांध का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। जलस्तर कम होने के बावजूद रेलवे और नगर निगम को पानी की आपूर्ति सुचारु रूप से जारी है। इसके अलावा एलबीसी के माध्यम से भी पानी छोड़ा जा रहा है।

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बरगी बांध में जलस्तर घटा, नर्मदा के कई घाटों पर पानी कम। - फोटो : अमर उजाला
जलस्तर नियंत्रित रखने की सभी तैयारियां पूरी
मानसून शुरू होने से पहले ही बांध प्रबंधन ने जलस्तर नियंत्रित रखने की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। बांध के वाटर कैचमेंट क्षेत्र में होने वाली वर्षा और जलभराव के अनुसार पानी छोड़ने का निर्णय लिया जाता है। निर्धारित समय-सीमा के अनुसार बांध का जलस्तर नियंत्रित रखा जाता है। इस वर्ष मानसून ने देर से दस्तक दी है और अब तक औसत से काफी कम बारिश हुई है।

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