मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष डॉक्टर विजय चौधरी के हटाए जाने के खिलाफ लगाई गई याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें अध्यक्ष पद पर बहाल करने का आदेश जारी किया है।हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ और जस्टिस पी के कौरव की युगलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए पाया कि काउसिंल ऑफ इंडिया ने विवाद सुलझाने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया और एसबीसी द्वारा 12 दिसम्बर के पहले गठित कमेटी को बहाल कर दिया है। जिसे देखते हुए युगलपीठ ने आदेश दिया कि कमेटी को बहाल कर दिया गया है तो अध्यक्ष को भी बहाल माना जाए।
हाईकोर्ट में डॉक्टर विजय चौधरी और 13 सदस्यों की तरफ से याचिका दायर की गई थी, जिसमें कहा गया कि राज्य अधिवक्ता परिषद की सामान्य सभा की बैठक में अध्यक्ष के इस्तीफे से संबंधित प्रस्ताव का उन्होंने विरोध किया था। डॉक्टर विजय चौधरी ने इस्तीफा नहीं दिया था। अध्यक्ष को हटाने के लिए उस पर अविश्वास प्रस्ताव लगाया जाए या अध्यक्ष स्वेच्छा से इस्तीफा दे तभी उसे हटाया जा सकता है। लेकिन बिना अविश्वास प्रस्ताव और इस्तीफे के डॉक्टर विजय चौधरी को अध्यक्ष पद से हटाकर परिषद के सदस्य शैलेन्द्र वर्मा खुद अध्यक्ष बन गए और कमेटी का गठन भी कर लिया। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने 12 दिसंबर से पहले बनी कमेटियों को बहाल किया है और विवाद सुलझाने के लिए 5 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान ये भी पाया कि बहुमत डॉक्टर विजय चौधरी के साथ है। युगलपीठ ने सुनवाई के दौरान कमेटियों को बहाल करने के आधार पर अध्यक्ष को भी बहाल करने का आदेश जारी कर अगली सुनवाई 21 जनवरी को तय की।