प्रभारी के तौर पर नियुक्ति अधिकारियों द्वारा वाहनों के परमिट जारी किये जाने के खिलाफ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने प्रभारी अधिकारियों द्वारा परमिट जारी करने पर रोक लगाते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
याचिका फौजदार बस सर्विस की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया है कि जबलपुर में संभागीय परिवहन अधिकारी तथा आरटीओ के पद पर सक्षम अधिकारियों की नियुक्ति नहीं की गयी है। इन पदों पर प्रभारी अधिकारियों के रूप में कनिष्ठ अधिकारी को चार्ज दिया गया है। मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 68 के तहत सक्षम अधिकारियों की शक्तियां किसी अन्य अधिकारियों को स्थानांतरित नहीं की जा सकती हैं। इस संबंध में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पूर्व में भी आदेश पारित किए थे।
जबलपुर में संभागीय परिवहन अधिकारी तथा क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी का प्रभार कनिष्ठ अधिकारियों को दिया गया है। सक्षम अधिकारी नहीं होने के बावजूद भी यदि वाहनों के परमिट जारी कर रहे हैं,जो अवैधानिक है। याचिका की सुनवाई के बाद एकलपीठ ने आदेश जारी किए।