एमपी के जबलपुर में मेथेडिस्क चर्च ऑफ इंडिया ने कॉलोनाइजर लायसेंस प्राप्त करने के बाद ईडब्लयूएस के लिए आरक्षित 15 प्रतिशत भूमि का पूरा आश्रय शुल्क जमा किए बिना ही उसे विकसित कर लिया। ईओडब्ल्यू जबलपुर ने जांच के बाद मेथेडिस्क चर्च ऑफ इंडिया के तीन तत्कालीन पदाधिकारी सहित अन्य के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है।
पुलिस अधीक्षक ईओडब्ल्यू जबलपुर डीएस राजपूत ने बताया कि मेथेडिस्क चर्च ऑफ इंडिया ने 22 एकड़ भूमि के लिए कॉलोनाइजर लायसेंस प्राप्त किया था। नियम अनुसार 15 प्रतिशत भूमि ईडब्लयूएस के लिए आरक्षित रखनी थी। आरक्षित भूमि को मुक्त करवाने के लिए 46 लाख 75 हजार रुपये का रुपये जमा करना था। मेथेडिस्क चर्च ऑफ इंडिया ने सिर्फ 18 लाख 60 हजार रुपये ही रुपये जमा किया। इस प्रकार उन्होंने शासन को लगभग 26 लाख 25 हजार रुपये की क्षति पहुंचाई है। ईओडब्ल्यू ने जांच के बाद मेथेडिस्क चर्च ऑफ इंडिया के तत्कालीन एग्जीक्यूटिव सेक्रेटरी विनय पीटर, तत्कालीन डिस्ट्रिक्ट सुपरीटेन्डेंट रवि थेडोर, तत्कालीन ले-लीडर जी पी कोरनी लयूस के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।