मध्यप्रदेश के इंदौर एयरपोर्ट से भारतीय वायुसेना का एक विमान ऑक्सीजन टैंकर को लेकर गुजरात के जामनगर के लिए उड़ा। शहर समेत प्रदेश के विभिन्न शहरों के लिए यह वहां से शनिवार को ऑक्सीजन लेकर वापस आएगा। इस बीच रेमडेसिविर इंजेक्शन की 15 हजार शीशियां इंदौर पहुंचीं।
मध्यप्रदेश में भी कोविड-19 की दूसरी लहर के घातक प्रकोप के बीच रेमडेसिविर इंजेक्शन की करीब 15,000 शीशियां शुक्रवार को इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से राज्य के अलग-अलग संभागीय मुख्यालयों में भेजी गईं। अधिकारियों ने बताया कि पिछले आठ दिन में यह चौथा मौका है जब महामारी से संघर्ष कर रही राज्य सरकार ने इस जरूरी दवा की खेप पहुंचाने के लिए सरकारी विमान और हेलिकॉप्टर लगा दिए हों।
टैंकर भी एयर लिफ्ट किया
देशभर में ऑक्सीजन संकट के बीच भारतीय वायु सेना ने मोर्चा संभाल लिया। शुक्रवार दोपहर वायु सेना का परिवहन विमान सी-17 इंदौर एयरपोर्ट पहुंचा। चार घंटे की मशक्कत के बाद शाम साढ़े सात बजे विमान खाली ऑक्सीजन टैंकर लेकर गुजरात के जामनगर के लिए रवाना हुआ। टैंकर को सड़क मार्ग से भेजने पर करीब 27 घंटे का वक्त लगता, जबकि विमान से यह एक घंटे पहुंचेगा। इससे समय की भारी बचत होगी व प्राणवायु के लिए तड़प रहे रोगियों को समय पर ऑक्सीजन मिल सकेगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रेमडेसिविर के कुल 312 बक्से इंदौर हवाई अड्डे पहुंचे। इनमें करीब 15,000 शीशियां थीं। इनमें से 69 बक्से इंदौर में रखे गए, जबकि 67 बक्से भोपाल, 33 बक्से ग्वालियर, 26 बक्से सागर, 45 बक्से उज्जैन, 27 बक्से रीवा और 45 बक्से जबलपुर भेजे गए।
गौरतलब है कि कोविड-19 के मरीजों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली रेमडेसिविर की ये शीशियां ऐसे वक्त मध्यप्रदेश पहुंचीं, जब राज्य में इस दवा की भारी किल्लत है और इसकी कालाबाजारी के आरोप में कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इससे पहले 15 अप्रैल, 18 अप्रैल और 20 अप्रैल को रेमडेसिविर की शीशियों की खेप इंदौर पहुंची थी। इन खेपों को भी सरकारी विमान और हेलिकॉप्टर के जरिये राज्य के विभिन्न हिस्सों में भेजा गया था।