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MP News: महू में झोलाछाप डॉक्टर ने छीन ली दो सगे भाइयों की जिंदगी, तीसरा लड़ रहा जिंदगी और मौत की जंग

Thu, 25 Aug 2022 04:25 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

मध्यप्रदेश में इंदौर जिले के महू तहसील के तहत आने वाले बाइग्राम एरिया में एक ही परिवार के दो बच्चों की मौत होने का मामला सामने आया है। मौत का कारण झोलाछाप डॉक्टर की ओर से गलत इलाज किया जाना बताया जा रहा है। फिलहाल, दोनों बच्चों की मौत के बाद डॉक्टर फरार हो गया है।
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(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Social Media
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विस्तार
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इंदौर जिले के महू में झोलाछाप डॉक्टर ने दो सगे भाइयों की सांसें छीन लीं और एक की हालत नाजुक है। मामला महू के बाईग्राम में मंगलवार-बुधवार रात की है। स्वास्थ्य विभाग के अमले ने क्लीनिक से एलोपैथी दवाएं और एक्सपायरी डेट के इंजेक्शन और बोतलें जब्त कीं। बीएमओ के मुताबिक, बच्चों की मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा। फिलहाल, क्लीनिक संचालक यानी झोलाछाप डॉक्टर फरार है।

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बता दें कि सिटी बस में काम करने वाले राहुल गाड़गे ने अपने बड़े बेटे शिवांश (5) और युवराज (2.5 साल) का बुखार आने पर मंगलवार को बालमुकुंद सिलवाड़िया से इलाज कराया था। रात दो बजे के बाद शिवांश की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इस पर राहुल तीनों बेटे को लेकर बड़वाह पहुंचा। यहां डॉक्टरों ने शिवांश को मृत घोषित कर दिया। इस बीच उसके दूसरे बेटे युवराज की तबीयत खराब हो गई। यहां से परिजन दो बेटों को लेकर इंदौर के चाचा नेहरू अस्पताल पहुंचे, जहां युवराज की भी सांसें थम गईं। तीसरे बेटे नैतिक का इलाज चल रहा है। युवराज और नैतिक जुड़वा हैं।

लॉर्वा सर्वे शुरू किया
क्षेत्र में फैल रहे मौसमी बुखार को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अब बाइग्राम सहित आस-पास के गांव में लार्वा सर्वे शुरू किया है। वहीं जिन्हें बुखार का रहा है, उनका सैंपल लिया जा रहा है। सेंडल-मेंडल गांव में भी दौरा कराया जा रहा है, यहां भी चार-पांच बच्चों को तेज बुखार की शिकायतें मिली है। यहां टीम ने सैंपल लेकर दवाए दी हैं।
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कारण पता करेंगे
सीएचएमओ के मुताबिक, मौके पर गए थे। नैतिक की जांच करवाई गई है। रिपोर्ट आने पर अन्य बच्चों की मौत का कारण पता चल सकेगा। बाइग्राम और आस-पास के गांव में लार्वा सर्वे और जिन्हें बुखार आया है, उनका सैंपल लिया जाएगा।

डॉक्टर का कहना है कि बच्चों की मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। इसलिए परिवार ने रात को जो खाना खाया था, उसका सैंपल लिया है, जिसे फूड डिपार्टमेंट भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने बताया, चाचा नेहरू अस्पताल में भर्ती नैतिक की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मालूम पड़ जाएगा कि इन दो बच्चों की मौत किस कारण से हुई थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच कर रही है। सीएचएमओ बताया कि मौत का असल कारण जल्द पता चलेगा।

घटना की जानकारी लगने के बाद जांच करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम को क्लीनिक पर बालमुकुंद सिलवाड़िया निवासी दतोदा नहीं मिला। क्लीनिक की जांच करने पर यहां बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दवाएं मिली हैं। इसके साथ एलोपैथी ही दवाई और इजेक्शन भी मिले हैं।

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