क्राइम ब्रांच इंदौर की कार्यवाही में व्हाट्सएप व मोबाइल फोन के माध्यम से स्वयं को नगर निगम का अधिकारी बताकर, सराफा व्यापारी के साथ लाखों रुपए की ठगी करने वाला जबलपुर का शातिर ठग पुलिस की गिरफ्त में आया है। तरुण सचदेवा निवासी नेपियर टाउन जबलपुर ने कई वारदातें कबूल की हैं। शातिर तरुण पहले सराफा व्यापारी की जानकारी गूगल के माध्यम से निकालता था फिर व्हाट्सएप कॉल से बात करके ज्वेलर्स की दुकानों को टारगेट बनाता था। वह फिल्मों व अन्य वेब सीरीज से प्रभावित होकर हुबहू अधिकारियों की आवाज निकालकर ऑनलाइन ओला कैब ऐप के माध्यम से टैक्सी बुक करता था। तरुण ने इंदौर जिले के सराफा क्षेत्र के 50 से 60 सोना व्यापारी को नगर निगम अधिकारी बनकर ठगने की बात कबूल की है।
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निगम के ऑफिस पर बुलाकर ही ठगा
थाना एम.जी. रोड पर फरियादी के द्वारा धोखाधड़ी संबंधित अपराध धारा 420, 406 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। तरुण ने पूछताछ में बताया कि गूगल के माध्यम से संपर्क नंबर निकालकर इंदौर के 50 से 60 ज्वेलर्स को उसने फोन करके सोने के सिक्के खरीदने हेतु पार्सल का बोला था। उसने सभी ज्वेलर्स को पहले पेमेंट करने के बाद सोने के सिक्के देने का बोला गया। दिनांक 25/05/23 को तरुण ने सराफा व्यापारी गीतांजलि ज्वेलर्स के मालिक का मोबाइल नंबर गूगल के माध्यम से निकालकर बात करते खुद को नगर निगम अधिकारी बताया। उसने व्हाट्सएप व मोबाइल फोन के माध्यम से झूठ बोलकर 20 ग्राम सोने का नगर निगम ऑफिस इंदौर में किसी को देने का बोला। कहा पैसे भी नगर निगम ऑफिस पर ही मिल जाएंगे। सिक्के की कीमत 1 लाख 27 हजार रुपए थी।
व्यापारी ने ड्राइवर को दिए सोने के सिक्के
व्यापारी ज्वेलर्स विश्वास करके सोने के सिक्के का पार्सल बनाकर नगर निगम पहुंचा। उसी समय आरोपी ठग ने आनलाइन ओला कैब बुक की और ड्राइवर को नगर निगम ऑफिस बुलाया। व्यापारी को कहा कि पार्सल ड्राइवर को दे दो और पैसे निगम के अंदर आकर मुझसे ले लो। जब व्यापारी नगर निगम के अंदर पहुंचा तो वहां ठग मिला ही नहीं और मोबाइल भी बंद हो गया। इसके बाद उसने ड्राइवर से वह पार्सल ले लिया।