सोमवार को अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के साथ मंदिर निर्माण का संकल्प पूर्ण होगा। अयोध्या और आसपास के सभी स्थानों पर माहौल राममय हो रहा है। ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे प्रभु राम 14 वर्ष के वनवास से लौट कर आ रहे हैं। भव्य उत्सव का प्रसंग है। संपूर्ण देश में खासकर हिंदी भाषी राज्यों में बाजारों में राम पताकाएं, झंडे, बैनर, होर्डिंग से सज गए हैं। मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या में पहले से वृध्दि हो गई है। सभी 22 जनवरी को भव्य रूप में मनाने में लगे हैं। आडवाणी जी की रथ यात्रा, शिला पूजन और कारसेवा के वक्त जो माहौल प्रभु राम के प्रति जाग्रत हुआ था, वैसा ही परिदृष्य अब मंदिर निर्माण के वक्त देखने को मिल रहा है।
भारतीय मंदिरों में दर्शन के साथ श्रद्धालुओं के लिए कई सुविधा का ध्यान रखा जाता रहा है यह परंपरा अति प्राचीन है। कुछ मंदिरों में ठहरने, भोजन का इंतजाम मंदिर द्वारा या भक्तों के लिए किया जाता है। सिंहस्थ और कुंभ में संतों में आश्रम में श्रद्धालुओं को रुकने और भोजन के अन्न क्षेत्र बड़ी संख्या में आयोजित होते हैं। प्राचीनकाल में राजा महाराजा जब कोई धार्मिक कार्य या अनुष्ठान करवाते थे तो प्रजा को भेंट देते थे और भोजन भंडारों के आयोजन करवाते थे। इसी प्राचीन परंपरा का अनुसरण अनवरत हो रहा है। अब भेंट नहीं दी जाती, लेकिन भोजन भंडारे या अन्न क्षेत्र से प्रसाद वितरित किया जा रहा है।
इंदौर भंडारों का शहर
इंदौर में भी रामनवमी, हनुमान जयंती, शनि जयंती, शरद पूर्णिमा और दीपावली के बाद अन्नकूट जैसे भोजन भंडारे के भव्य आयोजन होते हैं। 22 जनवरी को इंदौर में भी कई स्थानों पर भव्य पूजन, आरती और भोजन प्रसादी के आयोजन होंगे, जिसके पोस्टर, बैनर नगर में कई स्थानों पर लगे हैं।
सोमवार को होंगे कई आयोजन
इंदौर उज्जैन रोड पर तराना गांव में स्थित राम मंदिर में 22 जनवरी को अयोध्या में रामलला की मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद गांव में करीब 3000 लोगों का भोजन प्रसादी का आयोजन किया आएगा। चोइथराम सब्जी मंडी में भी भंडारे का बड़ा आयोजन होगा। इसी तरह नगर के कई मंदिरो में इस तरह के आयोजन की खबरें है।
हलवाइयों की मांग बढ़ गई
जाहिर है नगर में इस तरह के होने वाले आयोजन से बाजार में सब्जी की मांग में वृध्दि होगी। मंदिरों में राम भाजी (आलू, लौकी, कद्दू, पत्ता और फूल गोभी मिलाकर), नुक्ती पूड़ी और भजिये बनाए जाएंगे। रामकरण हलवाई जो अक्सर भोजन भंडारों में भोजन बनाने का कार्य करते हैं, उन्होंने कहा कि 22 जनवरी की बुकिंग हो चुकी है और संभवत: उस दिन मुझे दो स्थानों पर भोजन प्रसादी बनाने जाना होगा। साथ ही भोजन बनाने वाले हलवाइयों और अन्य सहयोगियों की मांग अधिक है विवाह समारोह तो है और राममंदिर का कार्यक्रम भी आ जाने से एकदम संकट आ गया है। मंडी में आलू और अन्य सब्जियों की मांग अधिक रहेगी। हर स्थान पर भंडारे, महाप्रसादी के आयोजन हो रहे हैं। इन सभी तैयारियों से प्रतीत होता है कि राममंदिर की स्थापना के दिन नगर में भव्य और विशाल स्तर पर आयोजन होने के संभावना है।