प्रवासी सम्मेलन की साज-सजावट में कोई कसर बाकी नहीं रखी जा रही है। तीन दिन तक चलने वाले आयोजन में फूलों पर ही 35 लाख रुपये से ज्यादा खर्च किए जा रहे है। सम्मेलन के लिए खास तौर पर विदेशों से फ्लाइट से फूल मंगाए गए। बेंगलरु, पूणे, हिमाचल प्रदेश से इंदौर तक सैकड़ों किलोमीटर का सफर कर आए फूले से आयोजन स्थल महकेगा।
मुख्य हाल में 30 फीट से ज्यादा लंबा मंच तैयार किया गया है। मंच के चारों तरफ फूलों का डेरोकेशन किया जा रहा है। इसके अलावा हॉल के गेट, प्रदर्शनी, लाऊंज में भी फूलों की सजावट की गई है। सजावट के लिए बैंकाक से खास तौर पर एथोरियम फ्लावर मंगाया गया है। इस एक फूल की कीमत 100 रुपये है। पुणे से विशेष प्रकार के गुलाब भी बड़ी मात्रा में मंगाए गए है। हिमाचल प्रदेश की वादियों में खिलने वाला लिलियम का फूल भी आकर्षक का केंद्र रहेगा। रजनीगंधा, लिली के फूल भी सजावट में इस्तेमाल किए जा रहे है।
जड़ों में रहेगा केमिकल, ताकि फूल मुरझाए नहीं
फ्लावर डेकोरेटर गोवर्धन लिंबोदिया बताते है कि आयोजन तीन दिन दिन तक चलता है। फूल मुरझाए नहीं,इसलिए लगातार पानी का सप्रे उन पर होता रहेगा। उनकी जड़ों में भी विशेष तरह का केमिकल लगाया जा रहा है। सबसे ज्यादा सजावट मंच और उसके आसपास ही रहेगी। 30 तरह के फूलों से सजावट की जा रही है। इसके अलावा पत्तियों का भी डेकोरेशन रहेगा।