इंदौर को 6वीं बार स्वच्छता सर्वेक्षण में पहली रैंक मिलना लगभग तय
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स्वच्छता रैंकिंग में इंदौर लगातार पांच बार से नंबर वन का खिताब जीत रहा है। इस बार स्वच्छता रैंकिंग में इंदौर छक्का लगा सकता है। कल (शनिवार) को दिल्ली में आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह में इंदौर समेत प्रदेश के 11 जिलों को अलग-अलग कैटेगरी में अवॉर्ड मिलना तय माना जा रहा है। इंदौर के साथ ही प्रदेश के दूसरे शहर भी स्वच्छता के मामले में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस साल स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रदेश की रैंकिंग में भी इजाफा होगा। प्रदेश के 10 से ज्यादा शहरों को सर्वेक्षण की अलग-अलग केटेगरी में पुरस्कार मिलेंगे। समारोह के लिए इंदौर के अफसरों को भी आमंत्रित किया जा रहा है, इसलिए इस बार भी इंदौर का दावा सबसे मजबूत माना जा रहा है, क्योंकि इंदौर की सबसे बड़ी ताकत घर-घर कचरा कलेक्शन और सेग्रिगेशन है। शहर में छह तरीके से सेग्रिगेशन होता है, जबकि दूसरे शहर पूरी तरह इन दोनों व्यवस्थाओं को लागू नहीं कर पाए हैं। इंदौर की स्वच्छता को लेकर अब सोशल मीडिया में मीम भी वायरल होने लगे हैं।
तीन लाख की आबादी वाले शहरों में इस वर्ष प्रदेश के उज्जैन व छिंदवाड़ा शहर को खिताब मिलना तय है। दोनों शहरों ने स्वच्छता में अच्छा प्रदर्शन किया है। केंटोनमेंट बोर्ड श्रेणी में इस बार महू भी पुरस्कार का हकदार होगा। स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में मध्यप्रदेश को देश के तीसरे स्वच्छ राज्य का पुरस्कार मिला था। इस वर्ष स्वच्छ सर्वेक्षण में प्रदेश के शहरों की स्टार रेटिंग व ओडीएफ में रैकिंग बेहतर होने का फायदा प्रदेश की रैकिंग में भी देखने को मिलेगा। इस बार मध्यप्रदेश को देश का सबसे स्वच्छ राज्य का पुरस्कार मिलना भी तय माना जा रहा है।
भोपाल और उज्जैन भी शामिल
पिछले साल इंदौर जहां नंबर 1 के स्थान पर था, तो वहीं भोपाल सातवें, ग्वालियर 15 वें और जबलपुर 20 वें स्थान पर था। सर्वेक्षण में प्रदेश को देश के तीसरे स्वच्छ राज्य का पुरस्कार मिला था। पिछले वर्ष उज्जैन को 1 से 10 लाख आबादी वाले शहरों में देश का पांचवा सबसे साफ शहर घोषित किया था। वहीं, देवास को 10वां स्थान मिला था। इस बार इंदौर के अलावा भोपाल, उज्जैन, छिंदवाड़ा, महू केंटोंमेंट बोर्ड, मुंगावली, ओबेदुल्लागंज, पेटलावद, खुरई के अलावा दो अन्य शहरों को पुरस्कार मिलना तय है।