इंदौर की सूर्यसुखम कालोनी 2004 में बसाई गई। यहां पर वर्तमान में सौ परिवार रहते हैं जिनमें पांच सौ से ज्यादा सदस्य हैं। रहवासियों का आरोप है कि कालोनी में आने जाने का एक ही रास्ता है जिसे कालोनाइजर ने बंद कर दिया है। इस वजह से रहवासियों को बाउंड्रीवाल तोड़कर लंबे रस्ते से आवाजाही करना पड़ रही है। रहवासियों ने कलेक्टर कार्यालय में इसकी शिकायत भी की है।
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कुलभूषण कुक्की और पुनीत जैन के खिलाफ शिकायत
रहवासियों ने कलेक्टर जनसुनवाई में कालोनाइजर कुलभूषण कुक्की और पुनीत जैन के खिलाफ शिकायत की है। इसमें कहा गया है कि कालोनाइजर ने वादे के मुताबिक कई काम अधूरे छोड़े। हमें कालोनी में गार्डन का निर्माण करके देने की बात कही गई थी लेकिन आज तक उसका काम नहीं हुआ है। वहीं कालोनी में आने जाने का एकमात्र रास्ता भी बंद कर दिया गया है। रहवासियों ने बताया कि जब हमने मकान खरीदे तो हमें यही मुख्य मार्ग बताया गया था। इसके अलावा कालोनी में आने जाने के लिए कोई रास्ता भी नहीं था। अब इस एकमात्र रास्ते को बंद कर दूसरी तरफ निर्माण कार्य किया जा रहा है। इससे लोग कालोनी में ही कैद हो गए हैं।
बाउंड्रीवाल तोड़कर अस्थाई रास्ता बनाया
यहां रहने वाले मनोज परमार ने बताया कि एकमात्र रास्ता बंद होने पर उन्होंने कालोनी की बाउंड्रीवाल तोड़कर अस्थाई रूप से रास्ता बनाया है। रहवासियों का कहना है कि यह रास्ता पास की मूसाखेड़ी बस्ती में खुलता है और हमें मुख्य मार्ग तक जाने के लिए कई किमी घूमकर जाना पड़ता है।
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नगर निगम में शिकायत पर नहीं हुई कार्रवाई
रहवासियों ने बताया कि उन्होंने नगर निगम में इसकी शिकायत की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कालोनाइजर ने शिकायत के बाद भी दीवार बनाना बंद नहीं किया और रास्ता बंद कर दिया। अब निगम में सुनवाई नहीं होने की वजह से वह कलेक्टर कार्यालय में शिकायत करने के लिए आए हैं।
मैंने रास्ता नहीं रोका, जांच में सब साफ हो जाएगा
अमर उजाला ने जब इस मामले में कालोनाइजर कुलभूषण कुक्की से बात की तो उन्होंने कहा कि मैं सोसायटी का पूर्व अध्यक्ष था। हमने किसी का रास्ता नहीं रोका है। मुझे बदनाम किया जा रहा है। मामला जनसुनवाई में गया है तो जांच होगी। जांच में सब साफ हो जाएगा।