Shravani Amavasya: इस विशेष अवसर पर लघु रुद्राभिषेक में पंचामृत, श्रद्धालुओं द्वारा श्रद्धा से लाए गए काले तिल तथा महाकाल की भस्म आरती जल से “हरि ॐ जल” का उपयोग किया गया। इंदौर, दिल्ली, पूना, फरीदाबाद, गुड़गांव सहित देशभर के अलावा विदेशों से भी कई श्रद्धालु इस आयोजन से जुड़े।
श्रावण मास की अमावस्या तिथि पर इंदौर के पितृ पर्वत स्थित पित्रेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धा, भाव और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्वितीय संगम देखने को मिला। पवित्र तिथि पर आयोजित विशेष लघु रुद्राभिषेक कार्यक्रम में देश–विदेश से श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य पितरों की तृप्ति और विश्व की शांति के लिए सामूहिक साधना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ कृष्णा गुरुजी के सान्निध्य में पितृ प्राणायाम से हुआ, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को पितृ ऊर्जा से जुड़ने का गहन अनुभव प्रदान किया। इसके बाद आचार्य सचिन व्यास जी और 11 विद्वान ब्राह्मणों ने वैदिक विधियों के अनुसार लघु रुद्राभिषेक संपन्न कराया।
महाकाल की भस्म आरती जल से रचा गया विशेष अभिषेक
इस विशेष अवसर पर लघु रुद्राभिषेक में पंचामृत, श्रद्धालुओं द्वारा श्रद्धा से लाए गए काले तिल, तथा महाकाल की भस्म आरती जल से “हरि ॐ जल” का उपयोग किया गया। इंदौर, दिल्ली, पूना, फरीदाबाद, गुड़गांव सहित देशभर के अलावा विदेशों से भी कई श्रद्धालु इस आयोजन से जुड़े। कई भक्तों ने कोरियर के माध्यम से काले तिल भेजकर अपनी भागीदारी दर्ज कराई। यह भावना इस बात की मिसाल बनी कि पितरों के प्रति श्रद्धा न सीमाओं में बंधती है, न दूरियों में।
श्रावणी एकादशी पर होगा काले तिलों का रोपण
कार्यक्रम के समापन पर कृष्णा गुरुजी ने घोषणा की कि इस अवसर पर एकत्रित काले तिलों को आगामी श्रावणी एकादशी पर पितृ पर्वत पर रोपा जाएगा। कार्यक्रम की सफलता में महेश दलोदरा एवं पितृ पर्वत कमेटी का उल्लेखनीय योगदान रहा, जिनके सहयोग से आयोजन सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।