पत्रकार वार्ता में लालजी देसाई।
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मप्र विधानसभा चुनाव के लिए सेवादल के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पार्टी से 12 टिकट मांगे हैं। इन 12 में से 5 टिकट पर सेवादल के कार्यकर्ताओं को चुनाव लड़ाने के लिए सेवादल के अध्यक्ष और प्रमुख अधिकारी कांग्रेस के पास पत्र भेजेंगे। सेवादल अब चुनावों में सीधी भूमिका में रहेगा और सीधे सामाजिक मुद्दों पर क्रांति करेगा। यह बात सेवादल के अध्यक्ष लालजी देसाई ने अमर उजाला से बातचीत में कही। लालजी देसाई ने कहा कि अभी तक सेवादल समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यवस्था सुधार जैसे विषयों पर प्रमुखता से काम करता था। पिछले कुछ साल से देश में बहुत कुछ अच्छा चल रहा था और इसी वजह से धीरे धीरे सेवा दल की भूमिका कम होती गई। अब एक बार फिर सेवादल मैदान में उतर रहा है। हमने पिछले कुछ महीनों के अंदर ही लाखों सेवा दल कार्य़कर्ता देश में बनाए हैं और अब हम सीधे चुनाव में उतरेंगे। उन्होंने कहा कि मप्र से 12 कार्यकर्ताओं ने टिकट की मांग की है और इनमें से पांच चयनित कार्यकर्ताओं के लिए हम खुद कांग्रेस को पत्र लिखेंगे।
संघ महिला आरक्षण क्यों नहीं देता
लालजी देसाई ने कहा कि संघ महिला आरक्षण क्यों नहीं देता। संघ की कार्यकारिणी में सभी पुरुष क्यों हैं। क्या महिलाएं संघ में नहीं जा सकती। उन्होंने यह भी कहा कि संघ खुद सनातन विरोधी है। संघ वीर सावरकर की बातें करता है लेकिन उन्हें यह पता होना चाहिए कि वीर सावरकर ने माता सीता के लिए कई गलत बातें लिखी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हम भी सनातनी हैं लेकिन इसके लिए हमें कोई प्रमाण पत्र देने की जरूरत नहीं है।
पुलिस, पैसा और प्रशासन के बल पर चुनाव लड़ रही शिवराज सरकार
लालजी देसाई ने कहा कि मप्र में शिवराज सरकार पुलिस, प्रशासन और पैसे के बल पर चुनाव लड़ रही है। कितना भ्रष्टाचार हो रहा है किसी से भी छुपा नहीं है। सरकार पैसा बांटकर वोट रखीद रही है।
महिला आरक्षण पर भाजपा का आरक्षण विरोधी चेहरा आया सामने
सेवा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी देसाई ने कहा की महिला आरक्षण बिल में लिखा है कि यह आरक्षण तभी लागू होगा, जब परिसीमन हो जाएगा। परिसीमन तब होगा, जब जनगणना पूरी होगी। यानी महिला आरक्षण से पहले दो अनिवार्य शर्त रखी गई हैं। महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन से जोड़ने की जरूरत नहीं है। इस आरक्षण बिल में SC और ST महिलाओं के आरक्षण के लिए प्रावधान है। परंतु एक बड़ा महिला वर्ग, Other Backward Classes (OBC), अभी भी राष्ट्र-निर्माण और राजनीति से बाहर है। क्या आप उन महिलाओं को सबके साथ लेकर नहीं चलना चाहते? इस बिल में OBC को आरक्षण नहीं है, जो OBC वर्ग की महिलाएं हैं, उन्हें आरक्षण नहीं मिलेगा। अगर OBC वर्ग की महिलाओं को आरक्षण देना है तो संविधान संशोधन करके या फिर इसी में बदलाव लाकर दिया जा सकता है। ऐसे में आप OBC वर्ग की महिलाओं को आरक्षण क्यों नहीं दे रहे हैं? क्या आप उनको पीछे धकेलना चाहते हैं? लालजी देसाई ने कहा कि हमने कृषि बिल का विरोध किया था लेकिन फिर भी आप वह लेकर आए। 750 किसानों की मौत हो गई लेकिन फिर भी आप बिल पर अड़े रहे। यदि महिला आरक्षण बिल भी लाना होता तो आप ले आते। इसके लिए आपको दोहरा चेहरा दिख रहा है।