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Indore News: अगस्त तक बन जाएंगे 29 संजीवनी अस्पताल, नागरिकों को घर के पास मिलेंगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं

Wed, 28 Jun 2023 09:06 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

अभी 65 जगह पर अस्पताल के लिए स्थान तय हो चुके हैं और दो जगह स्वास्थ्य सुविधाएं मिलना शुरू हो चुकी हैं। बस दो जगह जूनी इंदौर और मल्हारगंज में अस्पताल बनाने के लिए जगह नहीं मिल पाई है। 
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निपानिया के संजीवनी अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं शुरू हुई - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
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इंदौर के नागरिकों को अब घर के नजदीक ही बेहतर सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। शहर में कुल 67 संजीवनी अस्पताल बनाए जाना हैं जिनमें से 29 अस्पताल 31 अगस्त तक पूरे हो जाएंगे। 
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जूनी इंदौर और मल्हारगंज में अस्पताल बनाने के लिए जगह नहीं मिल पाई
जिला स्वास्थ्य अधिकारी पूर्णिमा गडरिया ने बताया कि संजीवनी क्लीनिक बनाने का काम नगर निगम कर रहा है। अभी 65 जगह पर स्थान तय हो चुके हैं और दो जगह स्वास्थ्य सुविधाएं मिलना शुरू हो चुकी हैं। बस दो जगह जूनी इंदौर और मल्हारगंज में अस्पताल बनाने के लिए जगह नहीं मिल पाई है। अस्पताल के लिए जगह तलाशने में अधिक समय लगा और कोविड की वजह से प्रोजेक्ट में विलंब हो गया। निगम हमें जैसे यह 29 अस्पताल बनाकर दे देगा हम सभी जगह पर स्वास्थ्य सुविधाएं शुरू कर देंगे। 

85 अस्पताल की योजना थी बाद में 67 हुए
मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर बनाने के लिए कांग्रेस सरकार चार साल पहले संजीवनी क्लीनिक का प्रोजेक्ट लाई थी। दिल्ली सरकार के मोहल्ला क्लीनिक की तर्ज पर इसे डिजाइन किया गया था ताकि लोगों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। इंदौर में कांग्रेस सरकार ने एक साल के भीतर 85 संजीवनी क्लीनिक खोलने की योजना बनाई थी। बाद में 85 की जगह इन्हें 67 अस्पताल किया गया। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इस पर काम चल रहा है। कोविड की वजह से तीन साल तक काम अटका रहा और संजीवनी क्लीनिक नहीं बन पाए। 
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बड़े अस्पतालों का लोड कम होगा
इंदौर में एमवायएच, जिला अस्पताल, पीसी सेठी समेत 9 बड़े सरकारी अस्पताल हैं जहां पर नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाएं बेहद कम दाम पर उपलब्ध हैं। चूंकि शहर की आबादी तेजी से बढ़ रही है और शहर के हर कोने से लोगों को इन अस्पतालों तक आना संभव नहीं है इसलिए यह प्रोजेक्ट लाया गया है। इन अस्पतालों में भी अधिक भीड़ होने से स्टाफ ओवरलोड में काम कर रहा है। संजीवनी क्लीनिक खुलने से लोगों को सामान्य बीमारियों के लिए वहीं पर इलाज मिल जाएगा जिससे इन अस्पतालों का लोड भी कम होगा। 

यह सुविधाएं मिलेंगी
120 तरह की दवाएं निःशुल्क मिलेंगी
68 तरह के टेस्ट निःशुल्क होंगे
महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों सभी को इलाज मिलेगा
टीकाकरण की सुविधा होगी 

प्रदेश में 268 संजीवनी क्लीनिक बनेंगे
इस प्रोजेक्ट के तहत पूरे प्रदेश में 268 संजीवनी क्लीनिक बनेंगे। पहले चरण में इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर समेत सात शहरों में क्लीनिक बनाए जाएंगे। बाद में अन्य जिलों में भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा। 

डाक्टर समेत पांच लोगों का स्टाफ रहेगा
संजीवनी क्लीनिक सुबह 10 से शाम को 6 बजे तक खुलेंगे। इनमें पांच लोगों का स्टाफ रहेगा। एक एमबीबीएस डाक्टर, दो पैरामेडिकल स्टाफ, दो नर्सिंग स्टाफ, एक आपरेटर रहेगा। कोशिश रहेगी कि शहर के हर वार्ड में एक संजीवनी क्लीनिक खोलकर पूरा शहर कवर किया जाए। 
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