राजवाड़ा यानी इंदौर की आन-बान-शान। मालवा निमाड़ के इतिहास को खुद में समेटे हुए यह महल न सिर्फ यहां की शौर्य गाथाओं को सुनाता है बल्कि यहां की परंपराओं, संस्कारों और रीतियों को भी सहेजे हुए है। लंबे समय से पर्यटकों के लिए बंद राजवाड़ा एक बार फिर से खोल दिया गया है। यहां पर जीर्णोद्धार का काम चल रहा था जिसकी वजह से इसे बंद किया गया था। स्मार्ट सिटी कंपनी ने यहां पर काम पूरा किया और 13 फरवरी को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा लोकार्पण के बाद बुधवार को इसे आम लोगों के लिए सशुल्क खोला गया। राजवाड़ा में जनता इसके नव्य-भव्य स्वरूप को निहारने उत्साह से पहुंच रही है। इसके जीर्णोद्धार पर करीब 23 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। राजवाड़ा को देखने के लिए पहले दिन सुबह 10 से शाम 5 बजे तक लगभग एक हजार पर्यटक पहुंचे जिसमें विदेशी लोग भी शामिल थे। पहले दिन ही पुरातत्व विभाग के खाते में इससे 24 हजार 200 रुपए की आय हुई।
भारतीय पर्यटकों के लिए 20 रुपए का टिकट रखा गया
स्मार्ट सिटी ने 23 करोड़ की लागत से राजवाड़ा का जीर्णोद्धार किया है। इसके चलते भारतीय पर्यटकों के लिए 20 रुपए और विदेशी के लिए 400 रुपए टिकट दर है। पहले दिन पर्यटकों में 890 भारतीय और 16 विदेशी पर्यटक थे। भारतीय पर्यटकों से 17,800 रुपए और विदेशी पर्यटकों से 6400 रुपए की आय हुई। शाम को लाइट एंड शो भी हुआ।
शाम को अधिक लोग आ रहे
गर्मियों का मौसम आने की वजह से राजवाड़ा देखने के लिए शाम के समय में अधिक लोग आ रहे हैं। पुरातत्व विभाग के उपसंचालक प्रकाश परांजपे बताते हैं कि राजवाड़ा देखने के समय में परिवर्तन के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। चूंकि, लाइट एंड साउंड शो का पहला शो शाम 6.45 बजे से होगा, इसलिए कोशिश की जा रही है कि राजवाड़ा पर्यटकों के लिए शाम 7 बजे तक खुला रखा जाए।