स्टाॅक मेें रखा प्याज ऊंटों को खिलाया जा रहा।
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हरी सब्जियों के दाम कम होने का नाम नहीं चले रहे है। टमाटर, मिर्ची और अदरक के 100 रुपये किलो से ज्यादा बिक रहे है, लेकिन प्यास किसानों का रुला रहा है। तेजी के चक्कर मे स्टॉक कर रखी प्याज सड़ने लगी, लेकिन भाव ज्यादा नहीं बढ़ने से किसानों को नुकसान उठना पड़ रहा है। इंदौर के समीप देपालपुर में पुराने प्याज को किसानों ने सड़क किनारे फेंक दिया, जो राजस्थान से आए ऊंट के झुंड खा रहे है।
दो-तीन सालों के अंतराल में प्याज के भाव भी आसमान छूते है। कुछ किसानों को उम्मीद थी कि प्याज के दाम बढ़ेंगे, इसलिए उन्होंने प्याज का स्टाॅक रखा था। अब दो माह बाद नया प्याज मार्केट में आने वाला है। बाारिश के कारण स्टाॅक में रखा प्याज भी सड़ने लगा। इस कारण किसान अब प्याज बाजार में निकाल रहे है। सड़े प्याज को इंदौर के समीप देपालपुर गांव में जानवरों को खिलाया जा रहा है।
मंडी व्यापारी अरुण हार्डिया ने बताया कि प्याज की डिमांड से ज्यादा सप्लाई इन दिनों मंडियों में है। प्याज 15 से 20 रुपये किलो तक है। डेढ़ साल पहले प्याज 100 रुपये प्रति किलो तक बिका था। पिछले साल किसानों ने काफी मात्रा में प्याज बोया था।
इस कारण इस साल प्याज के भाव ज्यादा नहीं बढ़े। प्याज की ज्यादा पैदावार महाराष्ट्र के नासिक वाले हिस्से में होती है। दो माह बाद नया प्याज मंडियों मेें पहुंचने लगेगा। आने वाले दिनों में भी प्याज के भाव और कम हो सकते है,क्योकि स्टाॅक का प्याज अब ज्यादा मात्रा मेें मंडियों तक पहुंच रहा है,जबकि डिमांड ज्यादा नहीं है।
नहीं होंगे सब्जियों के दाम कम
बारिश और तेज गर्मी के कारण सब्जी के भाव में तेजी है। टमाटर का उत्पादन देशभर में 50 प्रतिशत हुआ है,इसलिए ज्यादा भाव टमाटर के चढ़े है। धनिया, अदरक के भाव भी आने वाले दिनों में ज्यादा रहेंगे। मिर्ची के भाव अब कम होने लगे है।