हर्ष चौहान, एसटी आयोग के पूर्व अध्यक्ष
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दिल्ली में हुई भाजपा की बैठक मेें चार राज्यों में भाजपा ने प्रदेशाध्यक्ष बदले, लेकिन मध्य प्रदेश के मामले में कोई फैसला नहीं हुआ। भाजपा का प्रदेशाध्यक्ष बनाए जाने के लिए धार निवासी हर्ष चौहान का नाम चर्चा में रहा,लेकिन सहमति नहीं बनी। चौहान अनुसूचित जनजाति आयोग केे अध्यक्ष थे। उनका आठ माह का कार्यकाल शेष बचा है, लेकिन पांच दिन पहले उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। उनका इस्तीफा स्वास्थ्य कारणों से देने की वजह मानी जा रही है। एक केेंद्रीय मंत्री से अनबन के कारण भी इस्तीफा देने की वजह सामने आई है।
चौहान केे पिता रह चुके है सांसद
हर्ष चौहान आदिवासी समाज से आते है और आरएसएस की पृष्ठभूमि से है। मैकेनिकल इंजीनियरिंग इंदौर के जीएआईटीएस काॅलेज से करने के बाद आईआईटी दिल्ली के पासआउट हर्ष ने भाजपा के टिकट पर सांसद का चुनाव भी लड़ा, लेकिन जीत नहीं पाए थे।
झाबुआ में 23 साल पहले हुए झाबुआ हिन्दू संगम में संघ ने चौहान को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी थी। तब झाबुआ जिले की आठों सीटें भाजपा ने जीती थी। इसके अलावा वे शिवगंगा अभियान से जुड़े है। हर्ष के पिता भात सिंह चौहान धार लोकसभा सीट से सांसद रह चुके है।
हर्ष अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष थे, आठ माह का कार्यकाल उनका शेष बचा था, पांच दिन पहले ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे को प्रदेेशाध्यक्ष बनाए जाने की कवायद से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन मध्य प्रदेश के मामले में हाईकमान ने कोई फैसला नहीं लिया।