इंदौर में निकाली गई सामूहिक बारात
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117 दिन के बाद बाद भगवान विष्णु योगनिंद्रा से जाग गए हैं। देव उठनी एकादश पर इंदौर में छोटी दीपावली मनेगी और पटाखे छूटेंगे। इसी के साथ अगले दो माह और मांगलिक आयोजन भी होंगे। विवाह मुर्हूत ज्यादा नहीं होने के कारण शहर के मैरेज गार्डन, होटल विवाह समारोह के लिए बुक हो चुके हैं। शुक्रवार सुबह मंदिरों में महाआरती के आयोजन हुए और भगवान को विशेष भोग लगाए गए। इस बार देवउठनी एकादशी शुक्रवार को आई है। यह माता लक्ष्मी का प्रिय दिन माना जाता है। इस संयोग के कारण विष्णु और महालक्ष्मी का पूजन भी हुआ। देव दीपावली के साथ ही शहर में वैवाहिक समारोह का सिलसिला भी शुरू हो गया और कुछ समाजों के सामूहिक विवाह संपन्न हुए। राठौर समाज, सिंधी समाज, सकल पंच फूलमाली समाज ने सामूहिक विवाह में कई जोड़े विवाह सूत्र में बंधे।
विवाह के कम मुर्हूत हैं
पंडितों के अनुसार इस साल 20 नवंबर के बाद चार विवाह मुर्हूत है। 26 नवंबर से विवाह, गृह प्रवेश व अन्य मांगलिक कार्य शुरू होंगे। इस माह 27,28 नवंबर को शुभ मुर्हूत है, जबकि दिसंबर में 2,7, 8 और 9 दिसंबर के विवाह मुर्हूत हैं। इस साल देव योग निंद्रा में 10 जुलाई को गए थे और 117 दिन के बाद देव जागे हैं। इस साल भले ही विवाह के कम मुर्हूत हो, लेकिन अगले साल विवाह के लिए 40 से ज्यादा मुर्हूत हैं। कोरोनाकाल के दो साल तक ज्यादातर परिवारों ने कम मेहमानों में सादगी से विवाह आयोजन संपन्न कराए थे। इस साल फिर ज्यादा मेहमानों का आमंत्रण देकर विवाह समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। शहर में 80 से ज्यादा मैरेज गार्डन हैं। उन्हें भी इस बार विवाह समारोह के कारण अच्छी बुकिंग मिली है। कोरोना काल में कई मैरिज गार्डनों का रखरखाव करना भी मुश्किल हो गया था। बाजार में भी लगन की खरीदारी अच्छी हो रही है।