कुलपति नीरजा ने अमर उजाला से बातचीत में एक रोचक रिसर्च शेयर की।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
इंदौर में प्रवासी भारतीय सम्मेलन के दौरान प्रवासी भारतीयों से जुड़ी कई रोचक कहानियां मिल रही हैं। भारत समेत दुनियाभर में एनआरआई पर हो रही रिसर्च भी यहां देखने को मिल रही है। इसी क्रम में सांची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्य्यन विश्वविद्यालय की कुलपति नीरजा ने अमर उजाला से बातचीत में एक रोचक रिसर्च शेयर की।
माता पिता की सेवा के लिए करते हैं भारतीय लड़की से शादी
नीरजा ने बताया कि वे कई रिसर्च प्रोजेक्ट्स में भारत सरकार के लिए काम कर रही हैं। कुछ समय पहले उन्हें एनआरआई द्वारा भारत में की जाने वाली शादियों में होने वाले फ्रॉड पर एक रिसर्च करना थी। इसमें उन्हें कई महत्वपूर्ण बातें पता चली। नीरजा ने बताया देशभर के अलग अलग राज्यों में उनकी टीम ने 4600 परिवारों से बात की। इन परिवारों में ऐसी बहुएं थी जिनके पति कई सालों से विदेशों में हैं और उन्होंने दूसरी शादी कर ली है। वे यहां पर कई साल से अपने पति का इंतजार कर रही हैं। वे यहां पर सास ससुर की सेवा करती हैं और यह प्रार्थना करती हैं कि एक दिन उनके पति उनके पास जरूर वापस आएंगे।
प्लानिंग के साथ धोखा देते हैं एनआरआई
नीरजा ने बताया कि एनआरआई प्लानिंग के साथ भारतीय लड़कियों को धोखा देते हैं। वे माता पिता की सेवा के लिए एक भारतीय लड़की से शादी करके विदेश चले जाते हैं और फिर वापस न आने और लड़की को विदेश न ले जाने के बहाने बनाते रहते हैं। इस दौरान वे विदेश में दूसरी लड़की से शादी भी कर लेते हैं। अधिकतर तो ऐसे भी होते हैं जो पहले से शादीशुदा होते हैं लेकिन यहां पर आकर दूसरी शादी कर लेते हैं। नीरजा ने बताया कि इस रिसर्च में 32 प्रतिशत ऐसी बहुएं मिली जो धोखे का शिकार हुई हैं और आज भी अपने पति का इंतजार कर रही हैं। यह रिसर्च उनकी टीम ने भारत सरकार को सौंपी और इस पर कड़े कानून बनाने को कहा।
सरकार ने लिया बड़ा एक्शन
नीरजा ने बताया कि इस रिपोर्ट के बाद सरकार ने बड़ा एक्शन लिया और पासपोर्ट पर एनआरआई की शादी का एक कॉलम भरा जाने लगा। जिसे देखकर विदेश में कोई भी लड़की यह पहचान सकती है कि यह लड़का भारत में शादी कर चुका है।