घास पर हरे रंग का स्प्रे करता कर्मचारी
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प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के लिए इंदौर को तेजी से सजाया जा रहा है। कई काम ऐसे हैं जो चार दिन की चांदनी, फिर अंधेरी रात साबित होंगे। शहर के चौराहों को हरा-भरा दिखाने के लिए महंगे पौधे, ग्रीन कारपेट घास लगी है। बापट चौराहे पर घास को ठीक से पानी नहीं मिला तो वह दो दिन में पीली पड़ गई। नगर निगम के कलाकार अधिकारी भी कहां हार मानने वाले थे। उन्होंने हरे रंग का इंतजाम कराया। कर दिया घास पर ग्रीन स्प्रे। ताजा और हरी घास को दिखाने के लिए इंदौर नगर निगम की कवायद इंदौरवासियों में चर्चा का विषय है। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है।
स्प्रे वाली रोटरी भी कमजोर
सुखलिया ग्राम चौराहे के जिस हिस्से में हरे रंग का स्प्रे कराया गया, वहां की दीवार भी दो दिन पहले ही बनाई है। दरअसल, पुरानी दीवार मिट्टी का बोझ नहीं सह पाई और उसमें दरार आ गई थी। 15 फीट लंबाई में नई दीवार बनाई गई। वह भी पानी से कमजोर साबित न हो, इसलिए कर्मचारियों ने हरा रंग घास पर छिड़क डाला।
पौधे भी मुरझाने लगे हैं
बापट चौराहा से बीसीसी तक सड़क के बीच लगाए गए कुछ पौधे भी मुरझा गए हैं। सड़क पर कीच़ड़ न हो और डिवाइडरों का कलर फीका न पड़े, इसके लिए कर्मचारी भी संभलकर पानी डाल रहे हैं। पौधों को सही मात्रा में पानी नहीं मिल पा रहा है। शहर के कुछ अन्य इलाकों मेें भी सम्मेलन के लिए हुए कामों में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया।