कैबिनेट मंत्री गोपाल भार्गव इंदौर में थे।
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मध्य प्रदेश के इंदौर में नेशनल रोड कांग्रेस के दो दिवसीय सेमिनार की शुरुआत शुक्रवार से हो गई। इसमें शामिल होने प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव भी इंदौर पहुंचे। उन्होंने बढ़ते जानलेवा सड़क हादसों पर चिंता जाहिर की। साथ ही आधुनिक गाड़ियों और अच्छी सड़कों को भी हादसों की एक वजह बताया है।
बता दें कि गोपाल भार्गव ने कहा कि यह बड़ी चिंता की बात है कि कोरोना काल में जितनी मौतें नहीं हुईं। उससे ज्यादा लोग सड़क हादसों में मरते हैं। डेढ़ लाख लोगों हर साल सिर्फ सड़क हादसों में जान गंवा रहे हैं। अब गाड़ियां भी आधुनिक हो गई हैं और सड़कें भी अच्छी बन रही हैं। यह भी हादसों की एक वजह है, क्योंकि लोग वाहन चलाते समय गति पर नियंत्रण नहीं रख पाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सड़कों से अगले साल तक ब्लैक स्पॉट खत्म किए जाएंगे। हादसे सिर्फ लोक निर्माण विभाग के भरोसे नहीं रोके जा सकते हैं। अन्य विभागों के साथ तालमेल और लोगों में जागरूकता बढ़ाने से हादसों पर रोक लगाई जा सकती है।
सेमिनार में सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि यातायात नियमों का पालन नहीं करना भी सड़क हादसों की एक बड़ी वजह है। सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के पालन पर प्राथमिकता दी जाना चाहिए। सड़क सुरक्षा पर आयोजित इस सेमिनार में अलग-अलग राज्यों के 120 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। दो दिनों में सड़क सुरक्षा से जुड़े 17 तकनीकी प्रजेंटेशन सेमिनार में दिए जाएंगे।
देशभर में छह हजार ब्लैक स्पॉट
इंडियन रोड कांग्रेस के सचिव एसके निर्मल ने बताया कि पूरे देश में छह हजार से ज्यादा ब्लैक स्पॉट हैं। जिनमें से दो हजार ब्लैक स्पॉट को खत्म कर दिया गया है। सेमिनार के दौरान इंदौर- खलघाट हाईवे के गणपति घाट पर होने वाले हादसों का मुद्दा भी उठा। इस घाट पर सात साल में 300 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। निर्मल ने कहा कि घाट वाले हिस्से में ढलान ज्यादा है। इस कारण वहां री अलाइनमेंट करना होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के स्थानीय अफसरों से इस बारे में रिपोर्ट मांगी है।