मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 के तहत सभी 230 सीटों के लिए 17 नवंबर को मतदान संपन्न हो गया। मतदाताओं ने इस बार वोटिंग का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस बार अभी तक का सर्वाधिक 77.15 प्रतिशत मतदान हुआ है। महिलाओं ने भी इस बार सर्वाधिक 76.03 प्रतिशत मतदान कर रिकॉर्ड बनाया। लेकिन इस बार चुनाव में खड़े हुए 2533 प्रत्याशियों को नतीजों के लिए भी 16 दिनों का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। यह पिछले पांच चुनावों में सर्वाधिक लंबी प्रतीक्षा है। इस वजह से प्रत्याशियों में नतीजों के प्रति बेचैनी बढ़ती जा रही है।
पिछले चुनावों में नतीजों के लिए इंतजार को देखें तो वर्ष 1998 और 2003 में मतदान संपन्न होने के तीसरे दिन चुनाव परिणाम घोषित हो गए थे, वहीं 2008 में 11 दिनों तक इंतजार करना पड़ा था। इसके बाद 2013 और 2018 में 13 दिनों का इंतजार करना पड़ा था। लेकिन, इस वर्ष यानी 2023 में तो 16 दिनों के इंतजार के बाद चुनाव परिणाम जानने को मिलेंगे।
दरअसल, चुनाव आयोग द्वारा मप्र के अलावा चार अन्य राज्यों में भी विधानसभा चुनाव साथ साथ कराए जा रहे हैं, इसलिए उसे सुरक्षा बलों की तैनाती और शांतिपूर्वक चुनाव करवाने के सभी इंतजाम करना होते हैं। पांचों राज्यों यानी मप्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में मतदान संपन्न होने के बाद ही 3 दिसंबर को एक साथ मतगणना करा कर नतीजे घोषित किए जाएंगे। इसलिए इस बार मप्र के नतीजों के लिए 16 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। सभी उम्मीदवार प्रचार की भागदौड़ और थकावट से पूर्ण मुक्त होकर अब बस परिणामों का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन जैसे जैसे नतीजों की तिथि करीब आ रही है, उनकी धड़कनें भी बढ़ रही हैं। तीन दिसंबर को उनकी किस्मत का फैसला हो जाएगा।