मध्य प्रदेश चुनाव मेें कांग्रेस को 66 सीटें ही मिल पाईं। उनमें 22 सीटें आदिवासी विधानसभा क्षेत्रों की हैं, हालांकि ज्यादातर सीटों पर जीत का अंतर डेढ़ हजार वोटों का रहा। मालवा निमाड़ में सबसे ज्यादा 22 सीटें अनुसूचित जनजाति की थीं। उनमेें से 11 सीटें कांग्रेस जीती है। जयस के साथ समझौता करने का फैसला भी कांग्रेस का सही रहा। तीन सीटों मेें से दो पर जयस समर्थित उम्मीदवार जीत गए।
प्रदेश की कुल 47 अनुसूचित जनजाति सीटों मेें से 24 सीट भाजपा को, 22 कांग्रेस को एक भारत आदिवासी पार्टी को मिली है। 2018 में 30 आदिवासी सीटें कांग्रेस ने जीती थी। इन सीटों ने ही सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अनुसूचित जाति की 35 सीटों में से इस बार भाजपा के हिस्से 26 सीटें आईं। कांग्रेस 9 सीटों पर ही जीत दर्ज करा पाई।
उमरिया जिले की बांधवगढ़ और मानपुर सीट कांग्रेस ने भाजपा से छीन ली, लेकिन शहडोल जिले मेें कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाई। यहां अनुसूचित जनजाति की जैतपुर, जयसिंह नगर, ब्योहारी सीटों पर भाजपा उम्मीदवार जीते। चितरंगी में राधा सिंह, धौहनी में कुंवर सिंह टेकाम चुनाव जीते। दोनो भाजपा उम्मीदवार हैं। अनूपपुर जिले में आदिवासी सीटों का मामला बराबरी का रहा। अनुपपूर सीट पर भाजपा और पुष्पराज गढ़ सीट पर कांग्रेस का कब्जा रहा, जबकि कटनी की बड़वारा सीट भाजपा ने जीती।
उधर डिंडोरी जिले की शाहपुरा सीट भाजपा और डिंडोरी सीट कांग्रेस ने जीती। मंडला की तीन सीटों मेें से दो कांग्रेस के पास रही। मंडला सीट पर जयस के कोटे से अशोक मर्सकोले को टिकट दिया, लेकिन वे जीत नहीं सके। कांग्रेस की सीटों का इजाफा करने में छिंदवाड़ा की दोनों आदिवासी सीटें मायने रखती हैं। सिवनी जिले में मामला बराबरी का रहा। एक सीट कांग्रेस और एक भाजपा ने जीती। बैतूल जिले की दोनों आदिवासी सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज कराई।
मालवा निमाड़ रहा कांग्रेस के लिए मददगार
मालवा निमाड़ की 22 आदिवासी सीटों पर दोनों ही दलों की नजर थी, लेकिन झुकाव कांग्रेस की तरफ रहा। 22 में से 11 सीटें कांग्रेस के पास रहीं, जबकि दस सीटें भाजपा ने जीतीं। सैलाना सीट पर भारत आदिवासी पार्टी के कमलेश डोडियार ने जीत दर्ज कराई है। खरगोन जिले की दोनों आदिवासी सीटें भाजपा कांग्रेस से नहीं छीन पाई। आदिवासी अंचल की गंधवानी, कुक्षी, मनावर, सरदारपुर सीट पर पिछली बार की तरह कांग्रेस का कब्जा बरकरार रहा, लेकिन धरमपुरी में भाजपा ने परचम लहराया।