सार
खरगोन जिला कांग्रेस का गढ़ माना जाता है। पिछले चुनाव में भाजपा इस जिले में अपना खाता नहीं खोल पाई थी। भारत जोड़ो यात्रा इस जिले से भी गुजरी, लेकिन उसका प्रभाव नहीं दिखा। छह मेें से तीन सीटें भाजपा ने कांग्रेस से छिन ली।
कर्नाटक में कांग्रेस की जीत के समय पार्टी नेता राहुल गांधी की यात्रा को भी श्रेय दिया गया था। वहां यात्रा मार्ग में आए 20 विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस के उम्मीदवार जीते थे। हालांकि, राहुल गांधी की यह यात्रा मध्य प्रदेश में कमाल नहीं दिखा पाई। भारत जोड़ो यात्रा मालवा निमाड़ के छह जिलों के 30 विधानसभा क्षेत्रों से निकली, लेकिन यहां कांग्रेस को भारी नुकसान हुआ। ज्यादातर सीटें कांग्रेस ने गंवाई। कांग्रेस को खरगोन, बुरहानपुर, इंदौर जिले ने सबसे ज्यादा झटका दिया।
पिछले साल 24 नवंबर को राहुल गांधी ने महाराष्ट्र से भारत जोड़ो यात्रा के साथ बुरहानपुर जिले से मध्य प्रदेश सीमा में प्रवेश किया था। इस जिले की दोनों सीटें कांग्रेस से भाजपा ने छिन ली। इसके बाद यात्रा खंडवा जिले में पहुंची। इस जिले की चारों सीट पर भाजपा उम्मीदवार जीते। ओंकारेश्वर के पास यात्रा का यात्री विश्राम भी हुआ, जो मांधाता विधानसभा क्षेत्र में आता है। वहां भी कांग्रेस इस बार हार गई।
खरगोन जिले में कांग्रेस से तीन सीटें छिनीं
खरगोन जिला कांग्रेस का गढ़ माना जाता है। पिछले चुनाव में भाजपा इस जिले में अपना खाता नहीं खोल पाई थी। भारत जोड़ो यात्रा इस जिले से भी गुजरी, लेकिन उसका प्रभाव नहीं दिखा। जिले की छह में से तीन सीटें भाजपा ने कांग्रेस से छिन लीं। बड़वाह सीट पिछले चुनाव में कांग्रेस के पास थी। इस बार यह सीट भाजपा ने जीती और कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए सचिन बिरला फिर विधायक बन गए।
पटवारी भी नहीं बचा पाए अपनी सीट
भारत जोड़ो यात्रा में जीतू पटवारी राहुल गांधी के पूरे समय साथ रहे और उन्होंने यात्रा के बहाने अपना राजनीतिक कद भी बढ़ाने की कोशिश की। भारत जोड़ो यात्रा महू विधानसभा सीट के बाद राऊ भी पहुंची थी, लेकिन पटवारी अपनी सीट नहीं बचा पाए। इंदौर जिले में कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाई।
उज्जैन में की थी राहुल ने बड़ी सभा, दो सीटें मिली कांग्रेस को
भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल ने उज्जैन जिले पर फोकस किया था। उज्जैन में बड़ी आमसभा को उन्होंने संबोधित किया था और महाकाल के दर्शन करने भी गए थे, लेकिन जिले की सात सीटों में से कांग्रेस तराना और महिदपुर विधानसभा सीट ही जीत पाई। शेष पांच सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार जीते। पिछले चुनाव में नागदा, घट्टिया सीटें कांग्रेस के पास थीं। राहुल गांधी आगर जिले के दो विधानसभा क्षेत्रों के बाद राजस्थान गए थे, लेकिन आगर की सीट भाजपा ने कांग्रेस से छिन ली। हालांकि, सुसनेर सीट पर कांग्रेस ने कब्जा जमाया।