इंदौर में कई प्रत्याशी निर्दलीय विधानसभा चुनाव लड़ने वाले हैं। इनमें से एक हैं परमानंद तोलानी वे 18 बार चुनाव हार चुके हैं। उन्होंने एक बार फिर अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। वे विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-4 से चुनाव लड़ रहे हैं। तोलानी रियल एस्टेट कारोबारी हैं। निर्दलीय खड़े परमानंद तोलानी का परिवार दो पीढ़ियों से लगातार चुनाव लड़ने के लिए मशहूर है। हैरानी यह है कि हर बार इसके सदस्यों की जमानत जब्त हुई है। हालांकि हौसले अब भी बुलंद हैं और इरादे मजबूत हैं।
पिता ने की थी शुरुआत
परमानंद तोलानी के पिता ने भी अपने जीवन में कई चुनाव लड़े थे। प्रिंटिंग प्रेस चलाने वाले मेठाराम तोलानी 30 साल तक लगातार चुनाव लड़े पर कभी भी जीत नहीं मिली। 1988 में पिता के बाद परमानंद तोलानी चुनाव लड़ने लगे। उनके पिता मेथाराम तोलानी इंदौर में एक प्रिंटिंग प्रेस चलाते थे, जिन्होंने अपने जीवनकाल में 30 सालों तक लगातार अलग-अलग चुनाव लड़े थे। तोलानी ने कहा कि साल 1988 में पिता की मृत्यु के बाद मैंने 1989 से चुनाव लड़ना शुरू किया।
इंदौर की अयोध्या से भरा नामांकन
इंदौर में चार नंबर विधानसभा सीट को अयोध्या कहा जाता है। यहां से भाजपा ने मालिनी गौड़ और कांग्रेस ने राजा मांधवानी को चुनाव मैदान में उतारा है। परमानंद तोलानी ने इन दिग्गजों को टक्कर देने के लिए फॉर्म भरा है। परमानंद तोलानी अब तक इंदौर से 8 लोकसभा, 7 विधानसभा और 2 बार महापौर का चुनाव लड़ चुके हैं लेकिन एक भी चुनाव में जीत नहीं मिली।
पत्नी को भी लड़ाया चुनाव
तोलानी एक बार अपनी पत्नी लक्ष्मी तोलानी को भी नगरीय निकायों के चुनावों में उतार चुके हैं। इसकी वजह यह थी कि तब महापौर का पद महिला उम्मीदवार के लिए आरक्षित कर दिया गया था।
बेटियां भी चुनाव लड़ने को तैयार
तोलानी की दो बेटियां हैं। तोलानी परिवार की अगली पीढ़ी भी अब इनके साथ चुनावी मैदान में उतरने के लिए तैयार हो रही है। परमानंद की बेटी निशा (32) ने कहा फिलहाल तो मेरा ध्यान अपने रोजगार पर है पर भविष्य में जरूरत पड़ी तो मैं और मेरी बहन चुनाव लड़ने की अपनी खानदानी परंपरा को जरूर आगे बढ़ाएंगे।
निगम के शुल्क से जनता को देंगे राहत
तोलानी ने कहा कि इस बार उन्होंने मतदाताओं से वादा किया है कि अगर वह चुनाव जीतते हैं, तो वह लोगों को 1,000 वर्ग फुट तक के भवनों पर संपत्ति कर से और नगर निगम द्वारा लिए जाने वाले शुल्क से पूरी छूट सुनिश्चित करेंगे। इसमें स्वच्छता शुल्क भी होगा। इसके साथ ही उन्होंने हर घर के दरवाजे से कचरा उठवाने का वादा किया है।