मोबाइल की आदत अब बच्चों का जीवन बर्बाद करने लगी है। लगातार इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। इंदौर में दो सप्ताह के भीतर ही दो घटनाएं हो चुकी हैं जिनमें मोबाइल न मिलने की वजह से बच्चों ने अपना जीवन समाप्त कर लिया।
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धनश्री नगर में मजदूर परिवार के एक बालक ने मोबाइल न मिलने पर जहरीला पदार्थ खा लिया। एडिशनल डीसीपी जोन-4 अभिनय विश्वकर्मा ने बताया कि 15 वर्षीय मोहित पुत्र मांगीलाल मोरे की सोमवार देर रात मौत हो गई। जीजा हेमेंद्र ने पुलिस को बताया कि मोहित के पिता मजदूरी करते हैं। मोहित ने सातवीं तक पढ़ाई की है। मोहित हमेशा मोबाइल चलाता रहता था और इस बात से पिता अक्सर नाराज रहते थे। इसी बात पर पिता ने मोहित को डांट दिया था। पिता से नाराज मोहित ने 15 दिसंबर जहरीला पदार्थ खा लिया। गंभीर अवस्था में उसको भर्ती करवाया गया था। बीच में स्वास्थ्य में सुधारा हुआ लेकिन सोमवार को अचानक स्थिति बिगड़ी और मोहित की मौत हो गई।
मां ने मोबाइल नहीं दिया तो लगा ली फांसी
14 दिसंबर को एरोड्रम इलाके के नगीन नगर में रहने वाले 17 वर्षीय विनय पिता राजू पाल ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। परिवार के लोगों ने बताया कि बुधवार को पिता सुबह काम पर चले गए थे और मां भी अपने काम पर जा रही थी। तभी मां लक्ष्मी बाई से विनय ने मोबाइल मांगा लेकिन मां ने उसे मोबाइल देने से माना कर दिया और कहा कि परीक्षा चल रही है, पढ़ने बैठो। थोड़ी देर बाद विनय की बहन अपनी सहेली के घर चली गई। विनय इस बात पर इतना नाराज हो गया कि उसने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जब मां घर लौटी तो उसे फांसी पर झूलते विजय का शव मिला।