36 लोगों की मौत के बाद मंदिर तोड़ दिया गया।
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बेलेश्वर महादेव मंदिर बावड़ी हादसे के बाद नगर निगम ने मंदिर जमींदोज कर बावड़ी को भी मलबे से भर दिया। मंदिर तोड़े जाने का हिन्दू संगठन विरोध कर रहे है। उनका कहना है कि शहर में कई बावड़ियों पर धर्मस्थल बनाए गए है, लेकिन वहां नगर निगम कार्रवाई नहीं कर रहा है।
इस मामले में मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि शहरभर में कुएं बावड़ियों को सर्वे किया गया है। ४० से ज्यादा ऐसे कुएं है। जिन पर अतिक्रमण है। उन सभी कुओं को अतिक्रमण से मुक्त किया जाएगा। नगर निगम कार्रवाई को लेकर कोई पक्षपात नहीं करेगा। अभी दस से ज्यादा कुओं को अतिक्रमण मुक्त किया गया है। मेयर ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो कुएं व बावड़ी जनहानि का कारण बन सकते है और जिन पर स्लैब डाली गई है। उन्हे ही मुक्त किया जा रहा है।
जिन निजी कुओं को मलबे से भरा जा चुका है, सर्वे उनका भी होगा और जांच में यह देखा जाएगा कि वे भविष्य में किसी हादसे की वजह तो नहीं बनेंगे। यदि वे खतरानक नहीं है तो उन्हें सूची से हटा दिया जाएगा।
हिन्दू संगठन ने किया था विरोध
बावड़ी हादसे के चार दिन बाद नगर निगम ने पटेल नगर में जाकर बावड़ी के उपर से अवैध निर्माण तोड़ दिया। इसके अलावा जो नया मंदिर बनाया जा रहा था, उसे भी तोड़ा गया। कार्रवाई का विरोध बजरंग दल ने किया था और कार्यकर्ता मौके पर भी पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया था। हिन्दू संगठन के नेताओं का कहना है कि हमने ऐसे कई ऐसे कुएं अफसरों को बताए है, जहां मजारें बना दी गई है, लेकिन उन्हें नहीं हटाया जा रहा।