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love jihad: मंदिरों में जींस पर लगेगा प्रतिबंध, लड़कियों को लव जिहाद से बचाने की कोशिश

Tue, 20 Jun 2023 09:08 AM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

समाज ने कहा लव जिहाद के बाद कपड़ों को लेकर कुछ मामले सामने आए, जिससे आकर्षण पैदा होता है और समाज की लड़कियां गलत रास्तों पर भटक जाती हैं।
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इस तरह से सूचना दी गई। - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
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इंदौर समेत प्रदेश के सभी जैन मंदिरों में कटे फटे कपड़ों और जींस पहनने पर प्रतिबंध लगाने के प्रयास शुरू किए जाएंगे। यह बात इंदौर दिगंबर जैन समाज फेडरेशन के मीडिया प्रभारी राजेश जैन दद्दू ने सोमवार को कही। गौरतलब है कि श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर मंगलवारा ट्रस्ट भोपाल द्वारा मंदिर में मर्यादा बनाए रखने के लिए यह पहल की गई है। राजेश जैन ने कहा कि मंगलवारा मंदिर के अध्यक्ष आदित्य मनिया का यह कदम बहुत सराहनीय है। अब इंदौर सहित पूरे प्रदेश के पदाधिकारियों को भी मंदिरों की मर्यादा बचाने के लिए ये निर्देश देना चाहिए। इसके साथ ही पूरे समाज को इस पर अमल करना चाहिए। हम भी इसके लिए प्रयास शुरू करेंगे। 
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मंदिर ने यह दिए निर्देश
मंदिर प्रबंधन द्वारा सख्त निर्देश जारी किए गए हैं, जिसमें कहा गया है कि कटे-फटे कपड़े, जींस, बरमुडा, छोटी फ्रॉक, चमकीले भड़कीले टाइट केफ्री, हॉफ पेंट, टाइट जींस और पश्चिमी फैशन वाले कपड़े पहनकर मंदिर में प्रवेश न करें। मर्यादित एवं शालीन वस्त्र पहनकर ही मंदिर में आएं, महिलाएं सलवार सूट के साथ सिर पर दुपट्टा डालकर ही प्रवेश करें। वहीं काले कपड़े भी पहनकर भी प्रवेश नहीं मिलेगा। इसके साथ ही मंदिर में सिर ढंककर ही प्रवेश करना होगा। यहां जैन समाज के प्रवक्ता अंशुल जैन ने बताया कि सोमवार को इस संबंध में बैठक हुई। फिर मंदिर में सूचना बोर्ड लगा दिया गया। 

लव जिहाद का शिकार हो रही समाज की लड़कियां
ट्रस्ट के अध्यक्ष आदित्य मनयां जैन ने बताया कि समाज में सभी किस्म के लोग होते हैं और युवा भड़कीले कपड़े पहनकर आते हैं और फिर कैमरों से फोटो खींचते हैं। इससे मंदिर में आने वाले लोगों का मन भी भ्रमित होता है और गलत प्रभाव भी पड़ता है। उन्होंने बताया कि लव जिहाद के बाद कपड़ों को लेकर कुछ मामले सामने आए, जिससे आकर्षण पैदा होता है और समाज की लड़कियां गलत रास्तों पर भटक जाती हैं। इसी को लेकर हमने समाज के सभी मंडलों की बैठक की और सभी से समर्थन लिया। इसके बाद यह फैसला लिया। इससे हमारी संस्कृति बची रहेगी।
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