फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Election: निर्दलीय प्रत्याशियों पर नहीं चला विजयवर्गीय और मेंदोला का प्रभाव, प्रस्तावकों को झूठ बोलकर ले गए

Tue, 30 Apr 2024 08:42 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर में हुए चुनावी घटनाक्रम में यह साफ हो गया है कि किस तरह से प्रत्याशियों पर दबाव बनाया गया और उनसे फार्म वापस निकलवाए गए
 
विज्ञापन
अक्षय बम को कार में ले जाते कैलाश विजयवर्गीय और रमेश मेंदोला। - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इंदौर में लोकसभा चुनाव से पहले हुए घटनाक्रम ने पूरे देश को चौंकाकर रख दिया है। कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम ने अपना नामांकन वापस ले लिया और इसके बाद एक एक करके कई निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी नामांकन वापस लिया। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और विधायक रमेश मेंदोला ने इस पूरी योजना की कमान संभाली और कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन वापस निकलवाने के लिए भी वे उसके साथ कलेक्टर कार्यालय तक गए। इसके बाद कैलाश विजयवर्गीय ने कार में अक्षय बम को बैठकर फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और पीएम नरेन्द्र मोदी को टैग किया। इन सबके बावजूद कैलाश विजयवर्गीय और रमेश मेंदोला सूरत में हुआ दृश्य दोहराने में सफल नहीं हो पाए। इंदौर के चुनाव निर्विरोध नहीं हो पाए और अभी भी मैदान में 14 प्रत्याशी डटे हुए हैं। अमर उजाला से बातचीत में प्रत्याशियों ने कहा कि भाजपा के मंत्री और विधायकों ने उन्हें भी नामांकन वापस लेने के लिए कहा लेकिन उन्होंने साफ इनकार कर दिया। एक प्रस्तावक ने यह भी कहा कि उसे झूठ बोलकर कलेक्टर कार्यालय ले जाया गया लेकिन अंतिम समय में वह झूठ को समझ गया और उसने हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। 
विज्ञापन


संघ के पूर्व प्रचारक को नामांकन वापस लेने के लिए कहा
संघ के पूर्व प्रचारक अभय जैन ने इंदौर लोकसभा से निर्दलीय फार्म भरा है। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने बताया कि भाजपा के मंत्री और विधायक उनसे बात करने आए थे। उन्होंने कहा कि नामांकन फार्म वापस ले लीजिए लेकिन मैंने इस पर साफ इनकार कर दिया। इसके बाद वे चले गए। 

प्रस्तावक को झूठ बोलकर ले गए
अभय जैन ने बताया कि हमारे एक प्रस्तावक को झूठ बोलकर कलेक्टर कार्यालय ले जाया गया। उनके समाज के अध्यक्ष ने घर जाकर कहा कि समाज की धर्मशाला बनवाने के लिए एक जगह बात करने चलना है और कार में बैठाकर सीधे कलेक्टर कार्यालय ले गए। वहां पर उसे हस्ताक्षर कर हमारे नामांकन फार्म को वापस लेने के लिए कहा गया। इस पर उसने इनकार कर दिया और उन लोगों से छूटकर हमारे पास आया। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें