विद्यार्थियों को शीट भरने में लगा समय।
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12 वीं की बोर्ड परीक्षा में मूल्याकंन को लेकर माध्यमिक शिक्षा मंडल का नया प्रयोग विद्यार्थियों को भारी पड़ गया। गुरुवार को पहला पर्चा हिन्दी का था, लेकिन पर्चा हल करने से पहले उन्हें ओएमआर शीट भरने में भी 20 से 30 लग गए और वे नई व्यवस्था को कोसते नजर आए। अव्यवस्था होते देख मंडल ने भी वीडियो केंद्राध्यक्ष को भेजे, जिसे देखकर परीक्षा ले रहे टीचरों ने बोर्ड पर जानकारी लिखकर शीट भरने में विद्यार्थियों की मदद की।
इस बार बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिका के मूल्यांकन की व्यवस्था में माध्यमिक शिक्षा मंडल ने बदलाव किया है। गुरुवार को बारहवीं कक्षा की परीक्षा शुरू हुई। पहला पेपर हिन्दी विषय का था।पर्चा भरने से पहले परीक्षार्थियों को ओएमआर शीट उपलब्ध करवाई,लेकिन उसे भरने में उनको परेशानी हुई और काफी वक्त भी लगा।
कुछ विद्यार्थियों ने तो 10-15 मिनट में शीट भर ली, लेकिन कई को आधा घंटे का समय लगा और टीचरों की मदद लेना पडी। शीट भरने में भी कई गलितयां की। जिन्हें शिक्षक सुधारते नजर आए। यह गड़बड़ियां कई केंद्रों में सामने आई। इसकी जानकारी मिलने के बाद बोर्ड ने ओएमआर शीट भरने का वीडियो परीक्षा केंद्रों के वाट्सअप ग्रुप पर भेजा, ताकि परेशानी होने पर टीचर छात्र-छात्राअेां को बता सके। परीक्षा सुबह 9 बजे शुरू हुई।
विद्यार्थियों को आधे घंटे पहले प्रवेश दिया गया। उनकी जांच भी गई, ताकि नकल के लिए लाई गई सामग्री जब्त की जा सके। इसके बाद उन्हें ओएमआर शीट पहली बार परीक्षा केंद्र पर दी गई। जिसमें कई छात्र-छात्राओं ने गलत जानकारी भर दी। इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी मंगलेश व्यास का कहना है कि कुछ केेंद्र पर ओएमआर शीट भरने में देरी की जानकारी सामने अाई है,लेकिन मूल्याकंन ठीक से किया जाएगा।