पिछले 10-15 वर्षों से मार्च के अंतिम दिनों में अधिकतम तापमान के उच्चतम स्तर की जो परंपरा रही थी, वह इस बार टूट गई है। आज मंगलवार को सुबह से बादल हैं और रात में कई जगह बूंदाबांदी के साथ भी ठंडी हवाएं चलती रहीं। इससे पहले सोमवार को महीने के आखिरी दिन, न केवल सुबह से लेकर शाम तक बादल छाए रहे, बल्कि सुबह 5 से 7 बजे के बीच हल्की बूंदाबांदी भी हुई। इस समय हवा की दिशा भी सामान्यतः पश्चिमी रहती है, जो गर्मी लेकर आती है, लेकिन पिछले दो दिनों से हवा की दिशा उत्तर-पूर्वी रही। इससे ठंडापन महसूस हो रहा है और तापमान में भी गिरावट आई है।
पश्चिमी विक्षोभ और तापमान में उतार-चढ़ाव
सोमवार को अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री दर्ज किया गया। रविवार रात से ही बादल छाने लगे थे, जिससे हवा की गति भी मंद हो गई थी। इसके परिणामस्वरूप न्यूनतम तापमान में 3.5 डिग्री की वृद्धि हुई और यह 19.7 डिग्री से बढ़कर रविवार रात को 23.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो औसत से 4 डिग्री अधिक था। इस महीने में यह चौथा पश्चिमी विक्षोभ है जो गर्मी को प्रभावित कर रहा है। पश्चिमी विक्षोभ का मौसम पर प्रभाव साफ़ देखा जा सकता है, जो सामान्य तापमान से अधिक गर्मी का कारण बनता है।
सांध्यकालीन मौसम परिवर्तन
चक्रवात और ट्रफ लाइन की स्थिति
मौसम केंद्र की अधिकारी डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि मराठवाड़ा और इसके आसपास के इलाकों में 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक चक्रवात बन चुका है। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ के दक्षिणी हिस्से से विदर्भ और मध्य महाराष्ट्र तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है, जो मौसम पर प्रभाव डाल रही है। इस चक्रवात और ट्रफ लाइन के प्रभाव से बारिश और बादल के कारण मौसम में ठंडक बनी हुई है।