Indore Weather News: इंदौर में मंगलवार को रिकॉर्डतोड़ गर्मी दर्ज की गई। तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया जो पिछले पांच साल में सबसे ज्यादा है। बुधवार को यह एक डिग्री कम हुआ और 41.6 पर आ गया।
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धूल भरी आंधियों ने वाहन चालकों को रुकने पर मजबूर किया।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
इंदौर में मंगलवार को अप्रैल महीने की अब तक की सबसे भीषण गर्मी दर्ज की गई। दिन का तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2 डिग्री अधिक है। बुधवार को पारा थोड़ा संभला और एक डिग्री कम होकर 41.6 पर आकर ठहर गया। यह सामान्य से अभी भी एक डिग्री अधिक है। शाम को आंधी और तेज हवाओं ने मौसम में ठंडक घोल दी और लोगों को राहत मिली। रात का पारा .7 डिग्री उछलकर 26.3 पर आ गया।
शाम को तेज रफ्तार से हवा चली और धूल के गुबार उड़ने लगे। इस दौरान कई स्थानों की बिजली गुल हो गई। यह भी जानकारी मिली है कि मुंबई से इंदौर आ रहा इंडिगो विमान तेज हवा के चलते लैंड नहीं कर पाया। इसके बाद विमान को भोपाल में उतारा गया है। एरोड्रम इलाके में एक वाहन पर पेड़ गिर गया और यहां पर एक वाहन चालक को चोट आई है। शहरभर में 20 से ज्यादा स्थानों पर पेड़, टहनियां गिरने की सूचनाएं निगम कंट्रोल रूम को मिली हैं।
टूटा मंच का स्ट्रक्चर, विजयवर्गीय बाल-बाल बचे
आंधी-तूफान के चलते राऊ क्षेत्र स्थित एक गौशाला में आयोजित कार्यक्रम के मंच का स्ट्रक्चर गिर गया। उस वक्त मंच पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज हवा के झोंकों ने पंडाल और मंच को हिला दिया और कुछ ही पलों में पूरा ढांचा गिर पड़ा।
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निगम द्वारा चौराहों पर छांव के लिए लगाए शेड भी गिर गए।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
दोपहर में पसरा सन्नाटा
इससे पहले दिन में तेज धूप और तपन के चलते दोपहर में सड़कों पर आवाजाही कम हो गई थी। लोग घरों में दुबके रहे क्योंकि धूप में एक मिनट भी खड़ा रह पाना मुश्किल हो रहा था। मंगलवार का दिन पिछले पांच सालों का भी सबसे गर्म दिन बन गया। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक ऐसी ही भीषण गर्मी बने रहने की संभावना जताई है।
गिरे पेड़, टूटे शेड
शाम को 6 बजे चली तेज आंधी ने शहर में कई जगह पेड़ गिरा दिए। कई घरों के शेड भी टूट गए और सड़कों किनारे लगने वाली झुग्गियों में भी नुकसान हुआ। आधे से अधिक शहर में बिजली एक घंटे से भी अधिक समय तक नहीं रही।
विज्ञापन के बोर्ड गिरने से कई जगह लोग बाल बाल बचे।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
पिछले दस वर्षों में केवल चार बार पार हुआ 42 डिग्री का आंकड़ा
पिछले दस वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 29 अप्रैल 2019 को इंदौर में अब तक का सबसे अधिक तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। बीते दशक में केवल चार बार तापमान 42 डिग्री के पार गया है। पिछले पांच वर्षों में भी इस बार का तापमान सबसे ज्यादा रहा। 18 अप्रैल 2024 को अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री था, जबकि मंगलवार को यह रिकॉर्ड टूट गया। मंगलवार की रात का तापमान भी सामान्य से 3 डिग्री अधिक, यानी 26.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जिससे रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिली।
मौसम वैज्ञानिकों का पूर्वानुमान: लू का खतरा बरकरार
मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि बीते कुछ दिनों से प्रदेश के कुछ इलाकों में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ के कारण बारिश हो रही है। हालांकि इंदौर संभाग पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। यहां गर्मी का दौर जारी है और अगले दो दिन भी हालात ऐसे ही बने रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेताया है कि राजस्थान और गुजरात से सटे जिलों में हीट वेव यानी लू चलने के आसार हैं, जिससे लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।
2 मई से वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय होने के आसार
डॉ. सुरेंद्रन के अनुसार, 2 मई से वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय हो सकता है, जिसका असर प्रदेश के कुछ इलाकों में अगले तीन दिनों तक देखने को मिल सकता है। इसके चलते कुछ जिलों में तापमान में मामूली गिरावट हो सकती है या बादलों की आवाजाही के चलते राहत महसूस हो सकती है। हालांकि इंदौर में अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है। लोगों से अपील की गई है कि वे धूप में बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।