गर्मी तेज हो गई है और अभी से शहर का गला सूखने लगा है। अप्रैल महीने की शुरुआत में ही इंदौर के कई क्षेत्रों में बोरिंग सूख गए हैं। निगम द्वारा चलाए जा रहे टैंकर सड़कों पर दौड़ने लगे हैं और पार्षद मांग कर रहे हैं कि अगले सप्ताह तक टैंकरों की संख्या बढ़ाना पड़ेगी। शहर में बंगाली से कनाड़िया गांव का क्षेत्र, बायपास से लगी सभी कालोनी, देवास नाका, निरंजनपुर, खंडवा रोड और बड़ी संख्या में अन्य क्षेत्रों में नर्मदा का पानी आज भी नहीं पहुंच सका है। लगभग 30 से 40 प्रतिशत इंदौर आज भी पानी के लिए बोरिंग पर निर्भर करता है। अप्रैल महीने के अंत तक शहर के अधिकांश बोरिंग सूख जाते हैं और टैंकरों के रेट भी एक हजार रुपए तक पहुंच जाते हैं। दूसरी समस्या यह है कि टैंकरों के लिए भी अब पानी कम होता जा रहा है। जिन क्षेत्रों में से टैंकर पानी निकालते थे उन क्षेत्रों में भी भूजल स्तर इतना कम हो चुका है कि पानी नहीं मिल पा रहा है। वहीं दूसरी ओर जिन क्षेत्रों में नर्मदा का जल उपलब्ध है वहां पर भी जनसंख्या अधिक होने की वजह से पानी की समस्या होती है। निगम प्रशासन ने पलासिया, तिलक नगर, विजय नगर जैसे कई क्षेत्रों को चिह्नित किया है जहां पर जल संकट गहरा सकता है। अप्रैल अंत तक छह से सात लाख की आबादी यानी 25 प्रतिशत लोगों पर जल संकट आ सकता है।
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तालाबों में भी जलस्तर कम
शहर के तालाबों का जलस्तर भी गिरने लगा है। डेढ़ माह में इंदौर के ज्यादातर तालाबों का जलस्तर एक से तीन फीट तक गिर चुका है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रित है। उनका दावा है कि शहर के ज्यादातर क्षेत्रों में पर्याप्त जलप्रदाय हो रहा है। जिन इलाकों से टैंकर की मांग आ रही है, वहां भेजे जा रहे हैं। मौसम वैज्ञानियों का कहना है कि आगामी दिनों में गर्मी के तेवर और तीखे हो सकते हैं। ऐसे में शहर में पानी का संकट गहरा सकता है। शहर में अभी अमृत-2 योजना का काम चल रहा है। इसके तहत अधिकांश इलाकों तक नर्मदा पानी पहुंचाने का लक्ष्य है। यशवंत तालाब से शहर की पांच टंकियों में जलापूर्ति होती है। फरवरी को 16.6 फीट जलस्तर था जो अब 14.5 फीट हो चुका है। इसी तरह सिरपुर, पिपलियापाला सभी तालाबों में पानी कम हुआ है।
शहर की प्यास बुझाने के लिए टैंकर बढ़ाएंगे
कार्यपालन यंत्री जलप्रदाय संजीव श्रीवास्तव का कहना है कि जिन इलाकों में पानी का संकट आ सकता है वहां के लिए टैंकरों की व्यवस्था की जा रही है। शहर में 159 टैंकर चल रहे हैं। इनमें से 86 नगर निगम के और 73 किराए के हैं। आने वाले दिनों में 350 टैंकरों की आवश्यकता का अनुमान है।
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जैसे मांग आएगी पानी की पूर्ति करते जाएंगे
नगर निगम जलकार्य समिति प्रभारी अभिषेक शर्मा ने कहा कि हमारा उद्देश्य क्षेत्रों में नर्मदा लाइन पहुंचाने का है, टैंकर सिर्फ क्षणिक समाधान है। अधिकारियों को कहा है कि जिन क्षेत्रों में नर्मदा लाइन जल्द पहुंचाई जा सकती है वहां पर तेजी से काम करें। टैंकरों के लिए टेंडर भी जारी कर दिए हैं। जैसे-जैसे टैंकरों की मांग आएगी हम पूरी करेंगे।
जल आपूर्ति पर नेताओं के बयान भी अलग-अलग
जिले के प्रभारी तथा गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा इंदौर आए तो जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक में अधिकारी और नेताओं ने कहा कि जून माह में इंदौर जल जीवन मिशन के तहत हर घर में नल से जल पहुंचाने वाला जिला बन जाएगा। वहीं दूसरी ओर बजट के लिए आयोजित बैठक में सभी नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि अगले महीने से लोगों को पानी नहीं मिलेगा इसलिए टैंकरों की अधिक व्यवस्था की जाए।